निधि, सन्मार्ग संवाददाता
कोलकाता : पश्चिम बंगाल में 'दुआरे राशन' योजना को लेकर एक नया मोड़ आया है। राज्य के खाद्य एवं आपूर्ति मंत्री अशोक कीर्तनिया ने 11 अगस्त को राज्य के सभी विधायकों को पत्र जारी कर इस योजना की वास्तविक आवश्यकता, प्रभाव और उपयोगिता पर उनकी राय मांगी है। पत्र में उल्लेख किया गया है कि उपभोक्ताओं के घर तक राशन पहुँचाने के उद्देश्य से शुरू की गई इस योजना के क्रियान्वयन को लेकर आम जनता से लगातार कई शिकायतें मिल रही हैं। मंत्री ने विधायकों से पूछा है कि इस योजना से जनता को वास्तव में कितना लाभ मिल रहा है और क्या इसे वर्तमान परिस्थितियों में जारी रखना उचित है।
भ्रष्टाचार मुक्त शासन और कुशल वितरण प्रणाली के निर्माण के उद्देश्य से खाद्य विभाग विधायकों से प्राप्त लिखित प्रतिक्रियाओं के आधार पर इस योजना का निष्पक्ष मूल्यांकन करेगा। विधायकों को अपनी रिपोर्ट भेजने के लिए सात दिनों का समय दिया गया है।
दूसरी ओर, राशन डीलरों के संगठन ने सरकार के इस कदम का स्वागत किया है। संगठन के प्रतिनिधि विश्वम्भर बसु के अनुसार, 'दुआरे राशन' योजना के विरोध में दिए गए लिखित प्रस्ताव के बाद यह सकारात्मक पहल की गई है। सूत्रों के संकेत के अनुसार, यदि इस योजना को बंद किया जाता है, तो राशन डीलरों का कमीशन बढ़ाने के विकल्प पर विचार किया जा सकता है। हालाँकि, अंतिम निर्णय विधायकों की राय और विभागीय रिपोर्ट के बाद ही तय होगा।