तस्करों को पुलिस ने किया गिरफ्तार  REP
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यात्री बस से तस्करी करने वाला ड्रग्स रैकेट बेनकाब

बस ड्राइवर, कंडक्टर सहित 7 गिरफ्तार, यात्री बस में 'अनोखे तरीके' से छिपकर ले जा रहे थे 32 किलो गांजा

निधि, सन्मार्ग संवाददाता

नदिया: नदिया जिले के चापड़ा थाना पुलिस ने यात्री बस के माध्यम से गांजा की तस्करी के एक गंभीर प्रयास को विफल कर दिया है। यह कार्रवाई न केवल सीमावर्ती जिलों में मादक पदार्थों के बढ़ते खतरे को दर्शाती है, बल्कि यह भी उजागर करती है कि इस अवैध व्यापार में सार्वजनिक परिवहन के साधनों का कैसे दुरुपयोग किया जा रहा है। इस मामले में एक महिला सहित कुल सात लोगों को गिरफ्तार किया गया है।

पुलिस ने एक विश्वसनीय गुप्त सूचना के आधार पर कार्रवाई करते हुए, चापड़ा थाना क्षेत्र के बड़ा आंदुलिया इलाके में जाल बिछाया। पुलिस दल ने कोलकाता के धर्मतल्ला से करीमपुर की ओर जा रही एक यात्री बस को रोककर उसकी गहन तलाशी ली। इस तलाशी के दौरान, पुलिस को बस के अंदर से कुल 16 पैकेट बरामद हुए, जिनमें 32 किलो 100 ग्राम गांजा जब्त किया गया। इतनी भारी मात्रा में प्रतिबंधित मादक पदार्थ की बरामदगी ने न केवल इलाके में सनसनी फैला दी है, बल्कि पुलिस की सक्रियता को भी दर्शाया है।

पुलिस सूत्रों के अनुसार, तस्करों ने कानून प्रवर्तन एजेंसियों की आँखों में धूल झोंकने के लिए अत्यंत शातिर और अनोखे तरीके का इस्तेमाल किया था। उन्होंने सामान्य बोरी के अंदर प्लास्टिक की टोकरियों और बाल्टियों को सावधानीपूर्वक काटकर उसमें गांजा के पैकेट छुपाए थे, ताकि बाहरी निरीक्षण में यह सामान्य घरेलू सामान जैसा प्रतीत हो। यह तरीका उनकी योजना की गहराई और चतुराई को दर्शाता है। ये पैकेट बस में धर्मतल्ला (कोलकाता) से चढ़ाए गए थे और इन्हें नदिया जिले के करीमपुर इलाके तक पहुँचाने की योजना थी।

यह तस्करी का नेटवर्क काफी गहरा और संगठित है

गिरफ्तार किए गए लोगों में बस के तीन कर्मचारी भी शामिल हैं, जो इस तस्करी रैकेट में सक्रिय रूप से सहयोग कर रहे थे: बस कंडक्टर बंकिम बिस्वास (42), हेल्पर अपूर्व हलदार (30) और बस ड्राइवर प्रभास बिस्वास (41)। इनके साथ ही तस्करी के मुख्य अभियुक्त ताहिरुद्दीन मंडल (58), रज्जाक हुसैन (30), हामिदुल इस्लाम मियां (40), और महिला अभियुक्त तरीबा खातून (45) को भी गिरफ्तार किया गया है। बस कर्मचारियों की सीधी संलिप्तता इस बात का संकेत देती है कि यह तस्करी का नेटवर्क काफी गहरा और संगठित है।

चापड़ा थाने की पुलिस ने सभी सात अभियुक्तों के खिलाफ नारकोटिक्स ड्रग्स एंड साइकोट्रोपिक सब्सटेंस (NDPS) एक्ट की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी है। पुलिस अब इन गिरफ्तारियों के तार खंगाल रही है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि इस तस्करी रैकेट के पीछे और कौन-कौन लोग शामिल हैं, और इस खेप का अंतिम स्रोत तथा गंतव्य क्या था। इस सफल कार्रवाई से ड्रग्स माफियाओं को एक कड़ा संदेश गया है।

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