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राज्य के बकाया फंड पर आवाज उठायें: अमित मित्रा

विकास में बाधा पर मित्रा ने केंद्र को घेरा

Prasenjit Dasgupta

कोलकाता: मर्चेंट्स चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (एमसीसीआई) की 124वीं वार्षिक बैठक में बंगाल के पूर्व वित्त मंत्री व मुख्यमंत्री के मुख्य आर्थिक सलाहकार डॉ. अमित मित्रा ने केंद्र द्वारा राज्य के लिए आवंटित योजनाओं का फंड रोकने पर गंभीर चिंता जताई। उन्होंने उद्योग जगत से राज्य के अधिकारों के लिए मुखर होकर आवाज उठाने का आग्रह किया।

मित्रा ने कहा कि कई महत्वपूर्ण योजनाओं जैसे ग्रामीण आवास योजना, 100 दिन का काम, सड़क निर्माण और साइक्लोन सेंटर के लिए केंद्र का पैसा अभी तक नहीं मिला है, जिससे राज्य के विकास कार्य प्रभावित हो रहे हैं। उन्होंने उद्योगपतियों को चेतावनी दी कि इसमें उनकी दी हुई कर राशि भी शामिल है, इसलिए यदि केंद्र के पास कोई ठोस कारण नहीं है तो बकाया तुरंत जारी करने की मांग करनी चाहिए। अमित मित्रा ने कहा कि इस बकाया की वजह से राज्य की विकास दर, अवसंरचना और रोजगार पर प्रतिकूल असर पड़ रहा है।

चैंबर की इस बैठक में आईटीसी के चेयरमैन संजीव पुरी ने भी पश्चिम बंगाल की कृषि-प्रधान अर्थव्यवस्था और उसमें निवेश की अपार संभावनाओं पर जोर दिया। उन्होंने नवाचार, सप्लाई चेन की स्थिरता, प्रतिस्पर्धात्मकता और कौशल विकास को राज्य के विकास के लिए अहम बताया। चैंबर के अध्यक्ष अमित सरावगी ने बताया कि पश्चिम बंगाल की आर्थिक स्थिति मजबूत है और 2025-26 में राज्य का जीएसडीपी लगभग 236.16 अरब डॉलर पहुंचने की उम्मीद है।

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