मुनमुन, सन्मार्ग संवाददाता
कोलकाता : सीके बिरला हॉस्पिटल्स (सीएमआरआई) के डॉक्टरों ने एक असंभव से दिखने वाले मेडिकल केस को मुमकिन कर दिखाया है। यह मामला 44 वर्षीय एक ऐसे शख्स का है, जिसका वजन 190 किलोग्राम और बीएमआई (BMI) 64 था। वह टाइप 2 डायबिटीज, हाई ब्लड प्रेशर और स्लीप एपनिया से जूझ रहा था। पैरों की गंभीर सूजन और सांस लेने की भारी तकलीफ के बीच जब उसकी जांच हुई, तो डॉक्टरों के होश उड़ गए। उन्हें 'राइट हार्ट फेलियर', 'पल्मोनरी हाइपरटेंशन' और पेट में हर्निया जैसी जानलेवा बीमारियां भी थीं।
एक हफ्ते की तैयारी के बाद एक घंटे में सफल सर्जरी
दवाइयों से वजन नियंत्रित करने के सारे प्रयास विफल होने के बाद ऑपरेशन ही एकमात्र विकल्प बचा था। डॉ. सरफराज जे बेग (सीनियर कंसल्टेंट, जीआई सर्जरी) की अगुवाई में डॉक्टरों की टीम ने एक हफ्ते का विशेष 'प्री-ऑपरेटिव ऑप्टिमाइजेशन' प्रोटोकॉल तैयार किया। इस दौरान सीपीएपी थेरेपी, हृदय-फेफड़ों को सुधारने वाली दवाइयां और लिवर का आकार घटाने के लिए हाई-प्रोटीन डाइट दी गई। क्रिटिकल केयर और पल्मोनोलॉजी टीम की संयुक्त मेहनत रंग लाई और मरीज सर्जरी के लिए तैयार हो गया।
अत्यधिक वजन और बढ़े हुए लिवर के कारण यह सर्जरी बेहद जोखिम भरी थी, लेकिन डॉ. सरफराज और उनकी टीम ने मात्र एक घंटे में लैप्रोस्कोपिक स्लीव गैस्ट्रेक्टोमी सर्जरी को सफलतापूर्वक पूरा कर दिखाया। चमत्कारिक रूप से सर्जरी के 24 घंटे बाद आईसीयू और 2 दिन के भीतर मरीज को अस्पताल से छुट्टी मिल गई। महज 10 दिनों में उनका 15 किलो वजन कम हुआ, पैरों की सूजन घटी और सांस लेना आसान हो गया। सही समय पर सटीक मेडिकल देखरेख से उसकी जिंदगी बदल गई है और अब खेलकूद की दुनिया में वापस लौटने का उसका सपना सच होता नजर आ रहा है।