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परीक्षाओं से पहले BLO ड्यूटी से फिर बढ़ी मुश्किलें

टीचर्स पर BLO ड्यूटी का बढ़ा तनाव

Munmun Thakur

पढ़ाई छोड़ गैर-शैक्षणिक कामों का बढ़ता दबाव

मुनमुन, सन्मार्ग संवाददाता

कोलकाता : शिक्षकों को एक बार फिर से घर-घर जाकर बूथ लेवल ऑफिसर यानी BLO के रूप में काम करना पड़ सकता है। स्पेशल समरी रिविजन और पुरानी मतदाता सूचियों का मिलान करके छूटे हुए वोटर्स को ढूंढने का यह काम शिक्षकों की नींद उड़ा रहा है। पिछले साल नवंबर से ही यह सिलसिला लगातार जारी है, जहां एक के बाद एक गैर-शैक्षणिक काम शिक्षकों के कंधों पर डाले जा रहे हैं। SIR प्रक्रिया समाप्त होते ही शिक्षकों को तुरंत 2026 की हायर सेकेंडरी परीक्षाओं और विधानसभा चुनावों जैसे बड़े और व्यस्त प्रशासनिक आयोजनों में झोंक दिया गया था, जिससे वे अपने मूल काम यानी क्लासरूम टीचिंग से कोसों दूर होते चले गए। अब जनगणना और दोबारा BLO ड्यूटी की आहट ने इस समस्या को और अधिक गंभीर बना दिया है।

छुट्टियों के बाद फिर बढ़ेगी शिक्षकों की व्यस्तता

SIR का दौर खत्म होने के बाद भी शिक्षकों को राहत नहीं मिली और उन्हें सीधे 2026 की हायर सेकेंडरी परीक्षाओं व विधानसभा चुनावों के गैर-शैक्षणिक कामों में झोंक दिया गया। अब BLO ड्यूटी की फिर से वापसी ने शिक्षकों की चिंता को और बढ़ा दिया है। पूजा की छुट्टियों के तुरंत बाद सालाना परीक्षाएं शुरू होने वाली हैं, जो नवंबर और दिसंबर तक चलेंगी। यह महत्वपूर्ण समय माध्यमिक और उच्च माध्यमिक परीक्षाओं की तैयारी के लिए भी बेहद खास होता है।

फोरम ने उठाई शिक्षकों की आवाज

पोल वर्कर्स एंड BLO फोरम' ने भी इस मामले पर अपनी नाराजगी जाहिर की है। संगठन के सेक्रेटरी स्वपन मंडल ने इस प्रशासनिक बोझ पर कड़ी नाराजगी जताई है। उनका साफ कहना है कि शिक्षकों को बार-बार गैर-शैक्षणिक कामों में उलझाने से क्लासरूम की पढ़ाई पर बुरा असर पड़ रहा है। लगातार चुनावी और प्रशासनिक जिम्मेदारियों के चलते शिक्षकों के लिए स्कूल को पूरा समय देना असंभव सा हो गया है, जिसका खामियाजा अंततः सीधा देश के भविष्य यानी स्टूडेंट्स को भुगतना पड़ रहा है।

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