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पेंशन समानता और आठवें वेतन आयोग हेतु धरना आयोजित

पेंशन समानता और आठवें केंद्रीय वेतन आयोग में शामिल करने की मांग

सन्मार्ग संवाददाता

श्री विजयपुरम : नई दिल्ली स्थित फोरम ऑफ सिविल पेंशनर्स एसोसिएशंस के आह्वान पर देशभर में पेंशनर संगठनों ने 13 फरवरी 2026 को राज्य स्तर पर सामूहिक धरना आयोजित किया, जिसमें पेंशनरों के वर्गीकरण का निर्णय वापस लेने, पेंशन नियमों के सत्यापन और पेंशन समानता सुनिश्चित करने के साथ-साथ आठवें केंद्रीय वेतन आयोग के कार्यक्षेत्र में पेंशनरों को शामिल करने की मांग उठाई गई। अंडमान एवं निकोबार द्वीपसमूह में गवर्नमेंट पेंशनर्स एसोसिएशन ने 13 फरवरी को तिरंगा पार्क में दोपहर 3:30 बजे से शाम 6 बजे तक सामूहिक धरना आयोजित किया। धरने का उद्घाटन करते हुए अध्यक्ष केजी दास ने सेवानिवृत्ति तिथि के आधार पर पेंशनरों में भेदभाव किए जाने के निर्णय की आलोचना की और कहा कि केंद्रीय वेतन आयोग के लाभों में अंतर करना उन वरिष्ठ नागरिकों के साथ अन्याय है जिन्होंने अपने जीवन के सर्वोत्तम वर्ष सरकारी सेवा में बिताए हैं। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए डी अय्यप्पन, पूर्व महासचिव, नॉन-गजेटेड गवर्नमेंट ऑफिसर्स एसोसिएशन ने कहा कि वित्त विधेयक 2025 पारित करते समय सरकार ने चुपचाप अध्याय-5 में एक भाग जोड़कर पेंशनरों के बीच भेदभाव करने का अधिकार स्वयं को प्रदान कर लिया, जो सर्वोच्च न्यायालय के पूर्व निर्णयों को दरकिनार करने का प्रयास है। एसएल विन्जित, महासचिव नॉन-गजेटेड गवर्नमेंट ऑफिसर्स एसोसिएशन ने आठवें केंद्रीय वेतन आयोग के गठन में हो रही देरी और उसकी सिफारिशों के प्रभावी होने की तिथि को लेकर कर्मचारियों की चिंताओं का उल्लेख किया। इस अवसर पर प्रणोब बनर्जी, आर सुरेन्द्रन पिल्लई, एसपी कलैराजन और सुरेश लाल सहित अनेक पदाधिकारियों ने भी विचार व्यक्त किए तथा बड़ी संख्या में पेंशनरों ने भाग लिया।

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