मुनमुन, सन्मार्ग संवाददाता
कोलकाता : कोलकाता और इसके उपनगरों में सोमवार रात से हो रही भारी बारिश ने शहर की रफ्तार को काफी हद तक थाम दिया है। लगातार बारिश के कारण कई इलाकों में जलजमाव की स्थिति उत्पन्न हो गई है। सड़कों पर पानी भर जाने से यातायात प्रभावित हुआ और लोगों को आने-जाने में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। इसके बावजूद दुर्गापूजा की भक्ति और श्रद्धा में कोई कमी नहीं दिखी। पंडालों में दर्शन के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ मंगलवार को भी बनी रही। शहर के प्रमुख पूजा स्थलों में से एक श्रीभूमि पूजा पंडाल में हालात और भी चुनौतीपूर्ण थे। वहां का पूरा इलाका पानी से भर गया था। फिर भी श्रद्धालु मां दुर्गा के दर्शन के लिए किसी भी बाधा को आड़े नहीं आने दे रहे थे। कई लोगों ने रेनकोट पहन रखे थे, कुछ लोगों ने अपनी पैंटें घुटनों तक मोड़ ली थीं और पानी में चलकर पंडाल तक पहुंचे। श्रद्धा की यह मिसाल अपने आप में अनोखी थी।
बारिश के बीच श्रद्धालुओं का दिखा उत्साह
रानाघाट से आई एक महिला श्रद्धालु ने बताया कि वह ट्रेन से उल्टोडांगा स्टेशन तक आईं और वहां से श्रीभूमि तक पैदल ही पानी में चलते हुए पहुंचीं। उन्होंने कहा, "यह एक अलग ही अनुभव था, लेकिन मां के दर्शन के लिए ये सब सहना कोई बड़ी बात नहीं है। जब मन में आस्था होती है, तो रास्ते खुद-ब-खुद आसान हो जाते हैं।"
बारिश के कारण कई जगह ट्रैफिक डायवर्ट किया गया, कुछ बस सेवाएं भी बाधित रहीं, लेकिन लोगों की आस्था पर इसका कोई असर नहीं पड़ा। कई श्रद्धालु परिवारों के साथ बच्चों को लेकर भी पंडाल पहुंचे। उन्होंने कहा कि यह त्योहार साल में एक बार आता है और मां दुर्गा के दर्शन किए बिना पूजा अधूरी लगती है।
कोलकाता नगर निगम और आपदा प्रबंधन दल की टीमें लगातार जलजमाव हटाने के लिए काम कर रही हैं, लेकिन भारी बारिश के कारण स्थिति सामान्य होने में समय लग रहा है। फिर भी शहरवासियों की श्रद्धा और भक्ति देखकर साफ है कि दुर्गापूजा का उत्सव किसी भी बाधा के आगे झुकने वाला नहीं है।