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चाहते हुए भी मिरिक में नहीं रुक पाएंगी CM Mamata, जतायी नाराज़गी

अब तक मिरिक में ठहरने की जगह नहीं बनी, अधोसंरचना की कमी और घाटे से जूझ रहा जीटीडीए

Bishakha Tiwari Sanmarg

प्रसेनजीत, सन्मार्ग संवाददाता

सिलीगुड़ी : मुख्यमंत्री ममता बनर्जी का मिरिक में रुकने का कार्यक्रम अब रद्द हो गया है। सूत्रों के मुताबिक, मिरिक में उपयुक्त अधोसंरचना और सुविधाओं की कमी के कारण मुख्यमंत्री का ठहराव संभव नहीं हो सका। सोमवार को हासीमारा से उन्होंने खुद कहा, मंगलवार को वो मिरिक जाएंगी, हालांकि मिरिक में ठहरने की जगह नहीं होनें पर उन्हें मजबूरन दार्जिलिंग के लिए रवाना होना पड़ेगा। बता दे कि सीएम लम्बे समय से मिरिक में ठहरना चाहती हैं। लेकिन वहा रात्रिवास के लिए पर्याप्त व्यवस्था नहीं होनें के कारण यह संभव नहीं हो पायी। उन्होंने स्थानीय प्रशासन को इसबारे में योजना बनाने के लिए भी निर्देश दी थी, जो अबतक नहीं बनी।

प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार, हाल के वर्षों में जीटीडीए (गोरखा टेरिटोरियल डिवेलपमेंट अथॉरिटी) के अंतर्गत आने वाले कई पर्यटन स्थलों की आर्थिक स्थिति काफी कमजोर हो चुकी है। हालांकि राज्य सरकार का कहना हैं इस पर ज़रूरत से ज़्यादा राशि उपलब्ध करायी गयी हैं, फिर भी मिरिक में अभी तक ठहरने की जगह नहीं बनी। सूत्रों से मिली जानकारी से इस बारे में मुख्यमंत्री ने अपने करीबी हलकों में नाराज़गी जतायी हैं।

सूत्रों का कहना है कि मिरिक में मुख्यमंत्री या वीवीआईपी अतिथियों के लिए उपयुक्त आवास व्यवस्था फिलहाल नहीं है। सुरक्षा और प्रशासनिक दृष्टि से भी इस इलाके को तैयार नहीं माना जा रहा। वर्ष 2017 में जीटीडीए के गठन के बाद से क्षेत्र में कुछ बुनियादी ढांचे तैयार किए गए, लेकिन पिछले कुछ वर्षों में परियोजनाओं की गति थम गई। स्थानीय सूत्रों ने बताया कि मिरिक और आसपास के क्षेत्रों में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए कई योजनाएँ अधर में लटकी हुई हैं। अधोसंरचना के अभाव में पर्यटक सुविधाएँ सीमित हैं। हालांकि राज्य सरकार ने संकेत दिया है कि आने वाले दिनों में मिरिक के विकास के लिए विशेष योजना बनाई जाएगी। पर्यटन मंत्री और जीटीडीए के अधिकारियों को इस दिशा में विस्तृत रिपोर्ट तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं।

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