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वरिष्ठ नेतृत्व में नए अवसर तलाशने की चाह बढ़ी

94% अधिकारी तैयार : रिपोर्ट

63% वरिष्ठ अधिकारी सक्रिय रूप से नई भूमिका की तलाश में

41% को मौजूदा पद पर एक साल से अधिक टिकने की उम्मीद नहीं

मुंबई : भारत में वरिष्ठ नेतृत्व के स्तर पर करियर बदलने और नए अवसर तलाशने की प्रवृत्ति तेजी से बढ़ रही है। माइकल पेज इंडिया के हिस्से पेज एग्जीक्यूटिव इंडिया की ‘एग्जीक्यूटिव कंपनसेशन एंड टैलेंट ट्रेंड्स’ रिपोर्ट के अनुसार, सर्वेक्षण में शामिल 94 प्रतिशत वरिष्ठ अधिकारी नई भूमिकाओं और अवसरों के लिए तैयार हैं। वहीं, 63 प्रतिशत अधिकारी सक्रिय रूप से नई भूमिका तलाश रहे हैं, जबकि 41 प्रतिशत को उम्मीद नहीं है कि वे एक वर्ष से अधिक समय तक अपनी मौजूदा भूमिका में बने रहेंगे।

तेजी से करियर आगे बढ़ाने की आकांक्षा प्रमुख कारण

1,200 से अधिक वरिष्ठ पदों पर कार्यरत अधिकारियों के सर्वेक्षण पर आधारित रिपोर्ट में कहा गया है कि वरिष्ठ प्रतिभाओं की प्राथमिकताएं बदल रही हैं। अधिकारी अब करियर में तेजी से आगे बढ़ने के साथ-साथ व्यापक जिम्मेदारियां संभालने और संगठन पर अधिक प्रभाव डालने वाले अवसर चाहते हैं। इस बदलती आकांक्षा के अनुरूप प्रतिभाओं को बनाए रखना कंपनियों के लिए बड़ी चुनौती बन रहा है।

संगठनों पर प्रतिभा बनाए रखने का दबाव

पेज एग्जीक्यूटिव इंडिया के प्रबंध साझेदार जॉन गोल्डस्टीन ने कहा कि भारत का कार्यकारी प्रतिभा बाजार केवल कौशल की कमी से प्रभावित नहीं है, बल्कि संगठनों द्वारा प्रतिभाओं को विकसित करने और बनाए रखने की गति भी महत्वपूर्ण है। उनके अनुसार, वरिष्ठ अधिकारी अब तेजी से प्रगति, अधिक प्रभावरिपोर्ट में वरिष्ठ नेतृत्व को बनाए रखने के लिए कंपनियों की पारंपरिक रणनीति में बदलाव के संकेत मिले और प्रदर्शन के बीच स्पष्ट संबंध की अपेक्षा कर रहे हैं।

केवल वेतन से नहीं रुकेंगे वरिष्ठ अधिकारी

रिपोर्ट में वरिष्ठ नेतृत्व को बनाए रखने के लिए कंपनियों की पारंपरिक रणनीति में बदलाव के संकेत मिले हैं। 65 प्रतिशत अधिकारियों ने अपने पारिश्रमिक से संतुष्टि जताई, जबकि 87 प्रतिशत ने वेतन को नौकरी से संतुष्टि का प्रमुख कारण बताया। इसके बावजूद नौकरी बदलने की प्रवृत्ति ऊंची बनी हुई है। रिपोर्ट के अनुसार, केवल अधिक वेतन देकर वरिष्ठ प्रतिभाओं को लंबे समय तक संगठन से जोड़कर रखना पर्याप्त नहीं रह गया है।

पदोन्नति और करियर प्रगति पर बढ़ा जोर

वरिष्ठ अधिकारी अब वेतन के साथ-साथ स्पष्ट करियर पथ, पदोन्नति और नई जिम्मेदारियों के अवसरों को भी महत्वपूर्ण मान रहे हैं। कंपनियों के लिए चुनौती यह है कि वे सक्षम अधिकारियों को केवल बेहतर पारिश्रमिक ही नहीं, बल्कि उनके करियर विकास और नेतृत्व क्षमता के विस्तार के पर्याप्त अवसर भी उपलब्ध कराएं।

नेतृत्व की भूमिका में एआई का बढ़ता प्रभाव

रिपोर्ट में कहा गया है कि वरिष्ठ नेतृत्व के स्तर पर कृत्रिम मेधा (एआई) का महत्व तेजी से बढ़ रहा है। 75 प्रतिशत अधिकारी अपने काम में एआई का सक्रिय इस्तेमाल कर रहे हैं। इतनी ही संख्या में अधिकारियों ने एआई के इस्तेमाल से उत्पादकता बढ़ने की बात कही, जबकि 72 प्रतिशत ने काम की गुणवत्ता में सुधार महसूस किया।

एआई अपनाने से आगे बढ़ी कंपनियों की प्राथमिकता

संगठन अब केवल एआई तकनीक को अपनाने तक सीमित नहीं हैं। वे यह समझने पर भी ध्यान दे रहे हैं कि वरिष्ठ नेतृत्व एआई को कामकाज के मॉडल, निर्णय लेने की प्रक्रियाओं और टीम के प्रदर्शन में किस तरह प्रभावी ढंग से शामिल करता है। इससे वरिष्ठ अधिकारियों के लिए तकनीकी समझ के साथ नेतृत्व और जवाबदेही की भूमिका भी महत्वपूर्ण होती जा रही है।

एआई के साथ काम करने वाली प्रतिभा की मांग बढ़ेगी

माइकल पेज के भारत और सिंगापुर के वरिष्ठ प्रबंध निदेशक निलय खंडेलवाल ने कहा कि कार्यकारी स्तर पर एआई को लेकर चर्चा अब इसके इस्तेमाल से आगे बढ़कर जवाबदेही पर केंद्रित हो रही है। जैसे-जैसे वरिष्ठ भूमिकाओं की प्रकृति बदल रही है और नए कौशल महत्वपूर्ण हो रहे हैं, एआई के साथ प्रभावी ढंग से काम करने वाली प्रतिभा की पहचान, विकास और उसे संगठन में बनाए रखना नेतृत्व की प्रमुख प्राथमिकता बनेगा।

कौशल-आधारित नियुक्तियों को मिल रहा बढ़ावा

रिपोर्ट में भारत में कौशल-आधारित नियुक्तियों के बढ़ते चलन का भी उल्लेख किया गया है। कंपनियां प्रतिभाओं तक अपनी पहुंच बढ़ाने और भर्ती प्रक्रिया में पक्षपात कम करने के लिए इस मॉडल की संभावनाओं को पहचान रही हैं। हालांकि, रिपोर्ट के अनुसार इसका क्रियान्वयन अभी सभी संगठनों में एक समान स्तर पर नहीं हो रहा है।

वरिष्ठ प्रतिभाओं के लिए बदल रहा रोजगार बाजार

कुल मिलाकर रिपोर्ट भारत के वरिष्ठ नेतृत्व बाजार में बढ़ती गतिशीलता की ओर संकेत करती है। बेहतर वेतन के साथ करियर विकास, पदोन्नति, व्यापक जिम्मेदारियां, प्रभावशाली भूमिका और एआई जैसे उभरते कौशल वरिष्ठ अधिकारियों के फैसलों को प्रभावित कर रहे हैं। ऐसे में कंपनियों के लिए प्रतिभाओं को आकर्षित करने के साथ उन्हें लंबे समय तक बनाए रखने के लिए अधिक व्यापक रणनीति तैयार करना जरूरी होगा।

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