मुनमुन, सन्मार्ग संवाददाता
कोलकाता : पश्चिम बंगाल में पूजा की तैयारियां जोरों पर हैं, लेकिन म्यांमार के ऊपर बने कम दबाव के क्षेत्र यानी डीप डिप्रेशन के कारण मौसम को लेकर चिंताएं बढ़ गई थीं। हालांकि, मौसम विभाग ने स्पष्ट किया है कि यह सिस्टम अब कमजोर हो गया है और यह उत्तर-उत्तर-पश्चिम की ओर बढ़ रहा है। इसके अगले 24 घंटों में और कमजोर होने की संभावना है, जिससे राज्य में किसी भी बड़ी और भारी बारिश का तत्काल खतरा टल गया है। भारी बारिश का कोई बड़ा अलर्ट भले ही न हो, लेकिन पूरी तरह सूखा मौसम रहने की उम्मीद भी नहीं है। कोलकाता समेत कुछ तटीय जिलों में गुरुवार और शुक्रवार को गरज के साथ छिटपुट बारिश होने का अनुमान है, जबकि शनिवार से मौसम साफ रहने की संभावना है। हालांकि बारिश कम होगी, लेकिन हवा में नमी के कारण उमस भरी गर्मी लोगों को परेशान कर सकती है। बुधवार को कोलकाता का न्यूनतम तापमान 26.8 डिग्री सेल्सियस और आर्द्रता का स्तर 60 से 96% के बीच दर्ज किया गया।
बंगाल की खाड़ी में 65 किमी की रफ्तार से हवा चलने का अनुमान
उत्तर बंगाल के पर्वतीय जिलों में भी गुरुवार से रविवार के बीच हल्की छिटपुट बारिश हो सकती है, लेकिन भारी बारिश का कोई अनुमान नहीं है। दूसरी ओर, बांग्लादेश और म्यांमार के तटों तथा पूर्वोत्तर बंगाल की खाड़ी में समुद्र की स्थिति खराब रहने की आशंका है, जहां 45 से 65 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। बंगाल तट के मछुआरों के लिए कोई सीधी चेतावनी जारी नहीं की गई है, फिर भी गहरे समुद्र में नहीं जाने की सलाह दी गई है।