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देवघर में प्रसाद में मिलावट का साया, पेड़े की मिठास पर सवाल

श्रावणी मेले में 1,060 किलो घटिया खोया जब्त श्रद्धा के बीच सेहत का खतरा श्रद्धालुओं से केवल प्रमाणित दुकानों से प्रसाद खरीदने की अपील

देवघर, 1 अगस्त। बाबा बैद्यनाथ धाम में चल रहे विश्व प्रसिद्ध श्रावणी मेले के बीच खाद्य सुरक्षा विभाग की बड़ी कार्रवाई ने श्रद्धालुओं की चिंता बढ़ा दी है। शनिवार को विभिन्न प्रतिष्ठानों पर छापेमारी के दौरान अधिकारियों ने 1,060 किलोग्राम घटिया गुणवत्ता वाला खोया, प्रतिबंधित रंग मिले खाद्य पदार्थ और अन्य असुरक्षित सामग्री जब्त कर नष्ट कर दी। जांच में सामने आया कि कुछ दुकानों में चाट और घुघनी में प्रतिबंधित कृत्रिम रंग मेटानिल येलो का इस्तेमाल किया जा रहा था, जो स्वास्थ्य के लिए गंभीर रूप से हानिकारक माना जाता है।

पेड़ा बनाने में होता है खोये का सबसे अधिक इस्तेमाल

देवघर आने वाले अधिकांश कांवड़िये और श्रद्धालु बाबा बैद्यनाथ को अर्पित करने तथा घर ले जाने के लिए प्रसिद्ध देवघर का पेड़ा खरीदते हैं। पेड़ा मुख्य रूप से खोये (मावा) से तैयार किया जाता है। ऐसे में बड़ी मात्रा में घटिया गुणवत्ता वाला खोया मिलने से आशंका जताई जा रही है कि इसका उपयोग पेड़ा और अन्य दूध आधारित मिठाइयां बनाने में किया जा सकता था। हालांकि अधिकारियों ने यह स्पष्ट नहीं कहा है कि जब्त खोया पेड़ा बनाने के लिए ही इस्तेमाल हो रहा था, लेकिन खाद्य कारोबार में खोये का सबसे बड़ा उपयोग पेड़ा, बर्फी, कलाकंद और अन्य मिठाइयों के निर्माण में होता है।

क्या मिला जांच में

खाद्य सुरक्षा अधिकारियों के अनुसार एक दुकान से करीब 10 किलोग्राम चाट और दूसरी दुकान से लगभग 10 किलोग्राम घुघनी में मेटानिल येलो पाया गया। मौके पर ही इन खाद्य पदार्थों को नष्ट कर दिया गया। इसके अलावा मिलावटी, घटिया गुणवत्ता वाले और अवधि समाप्त होने के बाद भी उपयोग किए जा रहे कई खाद्य पदार्थ भी जब्त किए गए। सभी नमूनों की जांच सचल खाद्य परीक्षण प्रयोगशाला में की गई।

स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा

विशेषज्ञों के अनुसार मेटानिल येलो जैसे प्रतिबंधित रंगों का लगातार सेवन पेट, लीवर और किडनी पर प्रतिकूल प्रभाव डाल सकता है। वहीं खराब या मिलावटी खोये से बनी मिठाइयां फूड पॉइजनिंग, उल्टी-दस्त और संक्रमण का कारण बन सकती हैं। श्रावणी मेले में प्रतिदिन लाखों श्रद्धालु पहुंचते हैं, इसलिए खाद्य सुरक्षा की जिम्मेदारी और भी बढ़ जाती है।

श्रद्धालुओं के लिए जरूरी सावधानी

खाद्य सुरक्षा विभाग ने दुकानदारों को खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 के तहत स्वच्छता बनाए रखने और केवल सुरक्षित खाद्य सामग्री बेचने के निर्देश दिए हैं। वहीं श्रद्धालुओं को भी सलाह दी गई है कि प्रसाद और मिठाइयां केवल भरोसेमंद एवं साफ-सुथरी दुकानों से ही खरीदें। पैक्ड उत्पाद लेते समय निर्माण और समाप्ति तिथि अवश्य देखें, जबकि खुली मिठाइयों की गुणवत्ता, रंग और गंध पर विशेष ध्यान दें। श्रद्धा के इस महापर्व में थोड़ी-सी सतर्कता प्रसाद की पवित्रता के साथ-साथ स्वास्थ्य की सुरक्षा भी सुनिश्चित कर सकती है।

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