मुनमुन, सन्मार्ग संवाददाता
कोलकाता : क्वालिफाइड टीचर्स-टीचर्स अधिकार मंच के बैनर तले शिक्षकों ने धर्मतला के वाई चैनल से शहीद मीनार तक एक बड़ा जुलूस निकाला। इसके बाद हुई सभा में शिक्षकों ने आरोप लगाया कि संस्थागत भ्रष्टाचार (इंस्टीट्यूशनल करप्शन) के कारण 15,000 से अधिक योग्य शिक्षकों की नौकरियां खतरे में हैं। जबकि ये शिक्षक किसी भी भ्रष्टाचार में शामिल नहीं थे।
10 साल की सेवा के बाद दोबारा परीक्षा का संकट
करीब 10 साल तक पढ़ाने के बाद इन शिक्षकों को 2025 में दोबारा पात्रता परीक्षा (एलिजिबिलिटी टेस्ट) देनी पड़ी। इसमें जो शिक्षक पास नहीं हो सके, उनकी नौकरियां जा रही हैं। मंच का दावा है कि 31 अगस्त के बाद ये सभी शिक्षक पूरी तरह बेरोजगार हो जाएंगे। इस मानसिक तनाव और निराशा के कारण 2016 पैनल के कई शिक्षकों की मौत भी हो चुकी है। मंच ने मृत शिक्षकों के परिवारों को मुआवजा और सहायता देने की मांग की है। साथ ही, मुख्यमंत्री से आग्रह किया है कि वे विपक्ष के नेता के रूप में दिए गए अपने आश्वासनों को पूरा करें। इस मामले पर स्कूल शिक्षा मंत्री के मुताबिक यदि रिक्त पदों पर भर्ती प्रक्रिया पूरी नहीं होती है, तो डेडलाइन बढ़ाने के लिए सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की जाएगी। हालांकि, प्रभावित शिक्षकों का कहना है कि अभी भी उनके भविष्य को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं है।