भारत मंडपम में शनिवार से जुटेंगे दुनिया के प्रमुख नेता
नई दिल्ली : राष्ट्रीय राजधानी शनिवार से शुरू हो रहे 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन की मेजबानी के लिए पूरी तरह तैयार नजर आ रही है। सम्मेलन से पहले मध्य दिल्ली के प्रमुख हिस्सों का रूप-रंग बदल गया है। सड़कों के किनारे सजी रोशनी, फूलों से तैयार आकृतियां, एलईडी संकेतक और ब्रिक्स थीम वाले पोस्टर राजधानी में होने वाले इस बड़े अंतरराष्ट्रीय आयोजन का माहौल बना रहे हैं।
भारत मंडपम सम्मेलन का मुख्य स्थल होगा, लेकिन इसकी तैयारियों का असर उससे कहीं आगे तक दिखाई दे रहा है। हवाई अड्डे से लेकर विदेशी मेहमानों के होटलों और वहां से सम्मेलन स्थल तक जाने वाले प्रमुख मार्गों को विशेष रूप से सजाया और व्यवस्थित किया गया है। प्रशासन का प्रयास है कि दिल्ली पहुंचने वाले विदेशी प्रतिनिधियों को राजधानी का एक सुव्यवस्थित और आकर्षक स्वरूप दिखाई दे।
नई दिल्ली के प्रमुख स्थानों पर सजावटी रोशनी लगाई गई है। पटेल चौक, विंडसर प्लेस, मंडी हाउस, तीन मूर्ति, लोक कल्याण मेट्रो स्टेशन और पीएमओ गोलचक्कर समेत कई महत्वपूर्ण स्थान रोशनी से जगमगा रहे हैं।
नई दिल्ली नगरपालिका परिषद यानी एनडीएमसी ने विभिन्न स्थानों पर ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के लोगो वाले एलईडी संकेतक लगाए हैं। महत्वपूर्ण सड़कों पर बिजली के खंभों को भी सम्मेलन की थीम वाले पोस्टरों से सजाया गया है।
इस सजावट का मकसद महज शहर को रोशन करना नहीं है। अंतरराष्ट्रीय मेहमानों की आवाजाही वाले रास्तों को सम्मेलन की पहचान से जोड़ने की कोशिश की गई है, ताकि राजधानी के प्रमुख हिस्सों में आयोजन की मौजूदगी लगातार महसूस हो।
सम्मेलन की व्यापकता का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि एनडीएमसी क्षेत्र में बड़े पैमाने पर रोशनी की व्यवस्था की गई है। अधिकारियों के मुताबिक, 17 प्रमुख गोलचक्करों, कम से कम 12 होटल परिसरों और एनडीएमसी की 10 प्रमुख इमारतों को रोशन किया जा रहा है।
विदेशी प्रतिनिधियों के ठहरने वाले प्रमुख होटलों और उनके आसपास के इलाकों में पेड़ों और झाड़ियों पर भी सजावटी रोशनी की गई है। इससे रात के समय इन इलाकों को अलग स्वरूप देने की तैयारी है।
सजावट के साथ-साथ राजधानी में बड़े पैमाने पर हरित सौंदर्यीकरण अभियान भी चलाया गया है। नई दिल्ली के प्रमुख स्थानों पर 15,000 से अधिक गमलों में सजावटी पौधे लगाए जा रहे हैं।
प्रमुख मार्गों और वीआईपी रूट पर पौधारोपण के साथ पेड़ों की छंटाई और झाड़ियों की कटाई-छंटाई भी तेज कर दी गई है। उद्देश्य यह है कि विदेशी प्रतिनिधियों की आवाजाही वाले रास्ते साफ-सुथरे और व्यवस्थित दिखें।
राजधानी की सजावट में फूलों को भी प्रमुख स्थान दिया गया है। अधिकारियों के अनुसार, 15 स्थानों पर फ्लोरल बोर्ड और नौ स्थानों पर फ्लोरल फाउंटेन तैयार किए जा रहे हैं।
इन सजावटी संरचनाओं के जरिए प्रमुख स्थानों को सम्मेलन की थीम से जोड़ने के साथ-साथ दिल्ली के सार्वजनिक स्थलों को आकर्षक बनाने की कोशिश की जा रही है।
एनडीएमसी ने विशेष रूप से उन मार्गों पर ध्यान केंद्रित किया है जो हवाई अड्डे और विदेशी मेहमानों के होटलों को भारत मंडपम से जोड़ते हैं। इन रास्तों पर रोशनी, बागवानी, सफाई और सड़क व्यवस्था से जुड़े कामों को प्राथमिकता दी गई है।
स्ट्रीट लाइटों का भी व्यापक निरीक्षण किया गया है। जांच के दौरान जो लाइटें खराब मिलीं, उन्हें बदल दिया गया है ताकि महत्वपूर्ण मार्गों पर रात के समय प्रकाश व्यवस्था में कोई कमी न रहे।
शिखर सम्मेलन की तैयारियां केवल एनडीएमसी तक सीमित नहीं हैं। दिल्ली नगर निगम और लोक निर्माण विभाग ने भारत मंडपम, सराय काले खां, लोधी रोड, निजामुद्दीन, साकेत और शेख सराय जैसे प्रमुख क्षेत्रों का संयुक्त निरीक्षण किया है।
अधिकारियों को सफाई और स्वच्छता व्यवस्था में तेजी लाने के निर्देश दिए गए हैं। महत्वपूर्ण मार्गों और चिन्हित स्थानों पर पर्याप्त सफाईकर्मियों की तैनाती सुनिश्चित करने को भी कहा गया है।
सजावट के साथ अभेद्य सुरक्षा घेरा
जहां एक तरफ दिल्ली को सजाया जा रहा है, वहीं दूसरी तरफ राजधानी की सुरक्षा व्यवस्था को बेहद मजबूत किया गया है। ब्रिक्स सम्मेलन के मद्देनजर दिल्ली पुलिस के करीब 15,000 जवानों और अर्धसैनिक बलों की 200 कंपनियों को तैनात किया गया है।
सुरक्षा व्यवस्था केवल भारत मंडपम तक सीमित नहीं रहेगी। हवाई अड्डे, विदेशी नेताओं के ठहरने वाले होटल, सम्मेलन स्थल और उन स्थानों को भी सुरक्षा घेरे में रखा गया है जहां विदेशी प्रतिनिधि कार्यक्रमों या बैठकों के लिए जाएंगे।
नई दिल्ली इलाके में 500 से अधिक सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं। इनमें सामान्य निगरानी कैमरों के साथ हाई-रिजॉल्यूशन कैमरे, चेहरे की पहचान करने वाली प्रणाली और वाहनों की नंबर प्लेट पहचानने वाले कैमरे भी शामिल हैं।
इनके जरिए संवेदनशील इलाकों पर लगातार नजर रखी जाएगी। सुरक्षा एजेंसियों के लिए इसका उद्देश्य संदिग्ध गतिविधियों की पहचान के साथ-साथ किसी भी आपात स्थिति में तेजी से प्रतिक्रिया देना है।
विदेशी राष्ट्राध्यक्षों और प्रतिनिधिमंडलों के ठहरने वाले होटलों में प्रवेश नियंत्रण और पहचान सत्यापन की अतिरिक्त व्यवस्था की गई है। खुफिया जानकारी जुटाने, यातायात नियंत्रण और आपातकालीन प्रतिक्रिया के लिए भी विशेष इंतजाम किए गए हैं।
इस तरह सुरक्षा का पूरा ढांचा विदेशी मेहमानों के दिल्ली पहुंचने से लेकर उनके होटल, सम्मेलन स्थल और अन्य कार्यक्रमों तक जाने के दौरान सक्रिय रहेगा।
35 से अधिक सड़कों पर पड़ सकता है असर
दिल्ली यातायात पुलिस ने साफ किया है कि ब्रिक्स सम्मेलन के कारण पूरी दिल्ली बंद नहीं होगी। सामान्य परिस्थितियों में जहां सुरक्षा व्यवस्था अनुमति देगी, वहां यातायात चलता रहेगा।
हालांकि, विदेशी राष्ट्राध्यक्षों और अन्य वीवीआईपी के काफिलों के गुजरने के दौरान कुछ सड़कों पर अस्थायी रूप से वाहनों को रोका जा सकता है। जरूरत के अनुसार मार्ग बदले जा सकते हैं या कुछ रास्तों पर प्रवेश प्रतिबंध लगाया जा सकता है।
इन प्रतिबंधों की अवधि पहले से निश्चित नहीं होगी। सुरक्षा स्थिति और काफिले की आवाजाही के आधार पर वाहनों को चरणबद्ध तरीके से आगे बढ़ाया जाएगा।
यातायात पुलिस के अनुसार सम्मेलन के दौरान 35 से अधिक सड़कें प्रभावित हो सकती हैं। इनमें प्रमुख रूप से—
मथुरा रोड
सरदार पटेल मार्ग
शांति पथ
जनपथ
अशोका रोड
बाराखंभा रोड
टॉल्स्टॉय मार्ग
अफ्रीका एवेन्यू रोड
नीति मार्ग
पंचशील मार्ग
एपीजे अब्दुल कलाम रोड
शामिल हैं।
इन मार्गों पर यातायात की स्थिति वीवीआईपी मूवमेंट के समय के अनुसार बदल सकती है।
सम्मेलन में कई देशों के राष्ट्राध्यक्षों और शीर्ष प्रतिनिधियों की मौजूदगी के कारण सुरक्षा एजेंसियों के सामने सबसे बड़ी चुनौती लगातार होने वाली वीआईपी आवाजाही है।
अधिकारियों के मुताबिक, किसी विदेशी नेता को हवाई अड्डे से होटल, होटल से भारत मंडपम और फिर द्विपक्षीय बैठक या किसी अन्य कार्यक्रम में ले जाने के दौरान एक ही दिन में पूरे शहर में करीब 70 से 80 या उससे भी अधिक हाई-सिक्योरिटी मूवमेंट हो सकते हैं।
हर मूवमेंट के लिए अलग यातायात नियंत्रण, मार्ग पर प्रवेश प्रतिबंध और संभावित डायवर्जन का समन्वय करना पड़ता है। यही कारण है कि इस सम्मेलन का यातायात प्रबंधन सामान्य वीआईपी दौरे की तुलना में कहीं अधिक चुनौतीपूर्ण माना जा रहा है।
दक्षिणी दिल्ली में भी बढ़ सकता है ट्रैफिक दबाव
सम्मेलन के दौरान केवल मध्य दिल्ली ही नहीं, दक्षिणी दिल्ली के कई हिस्सों में भी यातायात प्रभावित होने की आशंका है।
विशेष रूप से साकेत स्थित होटल और मध्य दिल्ली के बीच मिस्र के प्रतिनिधिमंडल की आवाजाही के कारण व्यस्त समय में दक्षिणी दिल्ली की सड़कों पर अतिरिक्त दबाव पड़ सकता है।
इसलिए यातायात प्रबंधन की तैयारी सम्मेलन स्थल और लुटियंस दिल्ली तक सीमित नहीं रखी गई है, बल्कि विदेशी प्रतिनिधियों के संभावित रूट को ध्यान में रखते हुए व्यापक स्तर पर की गई है।
दुनिया की निगाहें दिल्ली पर
ब्रिक्स सम्मेलन में दुनिया के कई प्रमुख नेता हिस्सा लेने वाले हैं। रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन शुक्रवार सुबह दिल्ली पहुंचे और शाम को भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ द्विपक्षीय बैठक में उनकी सकारात्मक बातें हुईं। वहीं चीन ने राष्ट्रपति शी जिनपिंग के सम्मेलन में शामिल होने की पुष्टि की है।
शी की प्रस्तावित यात्रा इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि यह करीब सात साल के अंतराल के बाद भारत की उनकी पहली यात्रा होगी।
सम्मेलन में ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान, दक्षिण अफ्रीका के राष्ट्रपति सिरिल रामाफोसा, मिस्र के राष्ट्रपति अब्देल फतह अल-सीसी, अबू धाबी के शहजादे मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान, संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुतारेस और विश्व स्वास्थ्य संगठन के प्रमुख समेत कई शीर्ष हस्तियों की भागीदारी रहेगी।
इतने बड़े अंतरराष्ट्रीय जमावड़े के बीच प्रशासन के सामने दोहरी चुनौती है—एक ओर विदेशी राष्ट्राध्यक्षों की सुरक्षा में किसी तरह की चूक न हो और दूसरी ओर दिल्ली के आम नागरिकों की रोजमर्रा की आवाजाही यथासंभव सामान्य बनी रहे।
इसी उद्देश्य से दिल्ली पुलिस ने चिह्नित मार्गों का व्यापक निरीक्षण किया है और विभिन्न सरकारी एजेंसियों तथा पड़ोसी राज्यों के अधिकारियों के साथ समन्वय बैठकें की हैं।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि यातायात संबंधी परामर्श पहले ही जारी किए जा चुके हैं और कोशिश है कि आम लोगों को न्यूनतम असुविधा हो।
सजावट और सुरक्षा के बीच बदलती दिल्ली की तस्वीर
ब्रिक्स सम्मेलन ने राजधानी के एक बड़े हिस्से को अस्थायी रूप से अंतरराष्ट्रीय आयोजन के अनुरूप नया रूप दे दिया है। कहीं फूलों से बने बोर्ड नजर आ रहे हैं, कहीं पेड़ों पर रोशनी की गई है तो कहीं ब्रिक्स लोगो वाले एलईडी संकेतक राजधानी की सड़कों को आयोजन के रंग में रंग रहे हैं।
दूसरी तरफ, इन्हीं सड़कों पर सुरक्षा बलों की तैनाती और हाई-सिक्योरिटी मूवमेंट की तैयारियां भी दिखाई दे रही हैं। प्रशासन ने सफाई, बागवानी, प्रकाश व्यवस्था, यातायात और सुरक्षा—इन सभी मोर्चों को एक साथ मजबूत करने पर जोर दिया है।
ब्रिक्स शिखर सम्मेलन भारत के लिए केवल एक कूटनीतिक आयोजन नहीं, बल्कि राजधानी की प्रशासनिक क्षमता और अंतरराष्ट्रीय मेहमानों के सामने उसकी छवि का भी बड़ा अवसर है। सम्मेलन के दौरान दिल्ली को एक साथ सुरक्षित, स्वच्छ, व्यवस्थित और आकर्षक बनाए रखना प्रशासन के लिए सबसे बड़ी कसौटी होगी।
शहर की सड़कों पर दिखाई दे रही रोशनी और फूल जहां मेहमानों के स्वागत की तैयारी का संदेश दे रहे हैं, वहीं व्यापक सुरक्षा और यातायात इंतजाम यह संकेत दे रहे हैं कि सम्मेलन के दौरान दिल्ली में हर गतिविधि पर बारीकी से नजर रखी जाएगी।