निधि, सन्मार्ग संवाददाता
बारासात : बारासात अंचल के देगंगा थाना अंतर्गत कल्याणी बिल इलाके में एक गेस्ट हाउस में कथित रूप से देह व्यापार का धंधा चलाने के आरोप को लेकर गुरुवार की रात तनाव फैल गया। इस घटना के विरोध में भाजपा नेता-कार्यकर्ताओं और स्थानीय लोगों ने गेस्ट हाउस के बाहर प्रदर्शन किया। इस दौरान गेस्ट हाउस के नामपट्ट और उससे सटे कैफे में तोड़फोड़ भी की गयी। स्थिति बिगड़ने की सूचना मिलने पर पुलिस और केंद्रीय बलों की टीम मौके पर पहुंची और हालात को नियंत्रित किया। देगंगा थाने की पुलिस ने गेस्ट हाउस से दो जोड़ों समेत कुल सात लोगों को हिरासत में लिया है। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि स्थानीय तृणमूल नेता और सिविक वॉलेंटियर सागबर मल्लिक की ओर से बनवायी गयी इमारत में गेस्ट हाउस की आड़ में लंबे समय से कथित रूप से देह व्यापार चलाया जा रहा था।
दो जोड़ों समेत सात लोगों को पुलिस ने हिरासत में लिया
भाजपा नेताओं और स्थानीय लोगों का दावा है कि यहां बाहरी लोगों की आवाजाही लगातार बढ़ रही थी। साथ ही, स्कूल की छात्राओं के भी वहां आने-जाने का आरोप लगाया गया। प्रदर्शनकारियों ने यह भी आरोप लगाया कि आर्थिक रूप से कमजोर महिलाओं की मजबूरी का फायदा उठाकर उन्हें देह व्यापार में धकेला जा रहा था। भाजपा के राज्य नेता तरुणकांति घोष ने कहा कि गेस्ट हाउस की आड़ में लंबे समय से कथित रूप से यह धंधा चल रहा था। उनका आरोप है कि सिविक वॉलेंटियर से जुड़ा मामला होने के कारण अब तक लोग खुलकर विरोध करने से डरते थे। उन्होंने कहा कि प्रशासन को दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई करनी चाहिए। दूसरी ओर, गेस्ट हाउस के मालिक सागबर मल्लिक ने अपने ऊपर लगे आरोपों से इनकार किया है। उनका कहना है कि उन्होंने करीब तीन साल पहले कैफे चलाने के लिए इमारत किराये पर दी थी। वहां किसी तरह की अनैतिक गतिविधि नहीं होती। उन्होंने आरोप लगाया कि सिविक वॉलेंटियर होने के कारण उन्हें निशाना बनाकर प्रदर्शन किया गया और संपत्ति में तोड़फोड़ की गयी। मामले में देगंगा थाने की पुलिस ने बताया कि अब तक कोई लिखित शिकायत दर्ज नहीं करायी गयी है। हालांकि, पुलिस पूरे घटनाक्रम की जांच कर रही है।