निधि, सन्मार्ग संवाददाता
बशीरहाट: उत्तर 24 परगना के स्वरूपनगर थाना अंतर्गत गोबिंदपुर ग्राम पंचायत के पूर्व पोलता गांव में एक ऐसी घटना घटी है, जिसने चिकित्सा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। एक निजी नर्सिंग होम ने जिस नवजात कन्या को मृत घोषित कर शव परिजनों को सौंप दिया था, वह दफनाने की तैयारी के दौरान जीवित हो उठी। इस चमत्कारिक घटना के बाद परिजनों ने नर्सिंग होम पर घोर लापरवाही का आरोप लगाते हुए पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है।
5 घंटे बाद हुई हलचल
जानकारी के अनुसार, बुधवार दोपहर 28 वर्षीय रुबीना परवीन को प्रसव पीड़ा के बाद बशीरहाट के एक निजी नर्सिंग होम में भर्ती कराया गया था। प्रसव के बाद नर्सिंग होम अधिकारियों ने बताया कि बच्ची मृत पैदा हुई है। इसके बाद बच्ची के शरीर को प्लास्टिक में पैक कर परिजनों को सौंप दिया गया। परिजन गमगीन माहौल में शव लेकर घर पहुंचे और दफनाने की तैयारी शुरू की गई। रात करीब 10 बजे, यानी मौत की घोषणा के लगभग 5 घंटे बाद, जैसे ही प्लास्टिक खोला गया, बच्ची अचानक हिलने-डुलने लगी।
CCU में चल रहा उपचार
बच्ची को जीवित देख परिजन दंग रह गए और तुरंत उसे लेकर बशीरहाट स्वास्थ्य जिला अस्पताल पहुंचे। वर्तमान में नवजात बच्ची अस्पताल के सीसीयू (CCU) में उपचाराधीन है, जबकि मां की स्थिति स्थिर बताई जा रही है। परिजनों ने स्वरूपनगर थाने में नर्सिंग होम के खिलाफ लिखित शिकायत दर्ज कर कड़ी सजा की मांग की है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।