कोलकाता : स्वतंत्रता दिवस को केंद्र में रखकर सीपीआई (एम) ने जनाधार बढ़ाने की रणनीति के तहत नया प्रयोग शुरू किया है। पार्टी की कोलकाता जिला कमेटी 11 से 14 अगस्त तक शहर के 80 अलग-अलग स्थानों पर खुले कार्यक्रम आयोजित करेगी। इन कार्यक्रमों में पार्टी नेताओं के बजाय इतिहासकारों, शोधकर्ताओं, रंगकर्मियों और नागरिक समाज से जुड़े विशिष्ट लोगों को वक्ता के तौर पर प्राथमिकता दी जाएगी।
कोलकाता जिला सचिव कल्लोल मजुमदार के अनुसार, स्वतंत्रता संग्राम के इतिहास को कथित रूप से विकृत करने के प्रयासों का तथ्य और तर्क के आधार पर मुकाबला करना इस अभियान का मुख्य उद्देश्य है। पार्टी के मुताबिक, कार्यक्रमों में एक-तिहाई से अधिक वक्ता गैर-पार्टी पृष्ठभूमि से होंगे। माकपा ने माना है कि इस पहल में राजनीतिक जोखिम है, लेकिन आम लोगों को कार्यक्रमों से जोड़ना उसकी प्राथमिकता है।
पार्टी का मानना है कि स्वतंत्रता आंदोलन के इतिहास और उसके मूल्यों को लेकर व्यापक जनसंवाद की जरूरत है। इसी उद्देश्य से कार्यक्रमों को केवल राजनीतिक मंच तक सीमित न रखकर विभिन्न क्षेत्रों के लोगों को शामिल किया जा रहा है।
इधर, एसएफआई ने भी 9 से 15 अगस्त तक पूरे राज्य में ‘आजादी सप्ताह’ मनाने का फैसला किया है। इस दौरान सभाएं, रैलियां, रक्तदान शिविर और सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किये जाएंगे। 12 अगस्त को कोलकाता और मुर्शिदाबाद में ‘आजादी रैली’ निकाली जाएगी।
माकपा नेता मोहम्मद सलीम ने इतिहास को मिटाने के कथित प्रयासों का विरोध करते हुए जनआंदोलन को मजबूत करने का आह्वान किया है।