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माकपा नेता लाहेक अली को अंतरिम जमानत 12 अक्टूबर तक

राज्य सरकार नहीं पेश कर पाई पेनड्राइव

Munmun Thakur

जितेंद्र, सन्मार्ग संवाददाता

कोलकाता : हाई कोर्ट के जस्टिस तीर्थंकर घोष ने माकपा नेता लाहेक अली की अंतरिम जमानत की अवधि को 12 अक्टूबर तक बढ़ा दिया है। इससे पहले जस्टिस घोष ने उन्हें आठ दिनों के लिए अंतरिम जमानत दी थी। बुधवार को मामले की सुनवाई के दौरान पेनड्राइव पेश नहीं कर पाने के कारण राज्य सरकार ने चार सप्ताह के लिए समय मांग लिया। जस्टिस घोष ने इसकी अनुमति दे दी।

यहां उल्लेखनीय है कि लाहेक अली को बरुईपुर कांड में गिरफ्तार किया गया था। वहां एक नाबालिगा के साथ बलात्कार करने के बाद उसकी हत्या कर दी गई थी। इस घटना के दौरान भीड़ ने एक व्यक्ति को पीट-पीट कर मार डाला था। इस मामले में ही लाहेक अली को गिरफ्तार किया गया था। पुलिस का आरोप था कि उनके उकसावे वाले भाषण के कारण ही एक व्यक्ति को पीट-पीटकर मार डाला गया। पुलिस की तरफ से पिछली सुनवाई में कहा गया था कि इसका पेनड्राइव मौजूद है। इसमें उनके भाषण की पूरी रिकॉर्डिंग है। जस्टिस घोष ने पेनड्राइव पेश करने का आदेश दिया था। बुधवार को मामले की सुनवाई के दौरान राज्य सरकार की दलील थी कि पेनड्राइव मालखाना में पड़ा हुआ है और उसे तलाश नहीं कर पाए हैं। लाहेक अली की तरफ से बहस करते हुए एडवोकेट सायन बनर्जी ने कहा कि यह मामला पूरी तरह राजनीतिक है और राजनीतिक बदला लेने के लिहाज से ही उनके मुवक्किल को इस मामले में फंसाया गया है। उनकी दलील थी कि जब पेनड्राइव है ही नहीं तो उसे पेश कहां से करेंगे। बहरहाल जस्टिस घोष ने अंतरिम जमानत की अवधि को बढ़ाकर 12 अक्टूबर तक कर दिया।

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