निधि, सन्मार्ग संवाददाता
कोलकाता : उत्तर बंगाल के कूचबिहार से एक बेहद चिंताजनक फर्जीवाड़ा सामने आया है, जहां बेजुबान पेट्स (पालतू जानवरों) की बीमारी का फायदा उठाकर पैसे ऐंठने और उनकी जिंदगी से खिलवाड़ करने का मामला उजागर हुआ है। ''एनिमल हेल्थ पैथोलॉजी लैब'' (AHPL) ने एक पीड़ित पेट-ओनर (पालतू जानवर के मालिक) की शिकायत पर प्राथमिक जांच के बाद इस गंभीर अनियमितता का खुलासा किया है।
सामने आया धोखाधड़ी का तरीका
शिकायत के अनुसार, कुछ संदिग्ध लोग जानवरों के खून के सैंपल इस दावे के साथ एकत्र करते थे कि इनकी जांच कोलकाता की एक नामी पैथोलॉजी लैब में कराई जाएगी। इसके बाद कोलकाता की प्रतिष्ठित लैब की पुरानी रिपोर्ट को एडिट (संपादित) कर उसमें नए मरीज का नाम व विवरण जोड़कर फर्जी रिपोर्ट तैयार कर ली जाती थी। इस तरह फर्जी रिपोर्ट देकर पीड़ित पेट-ओनर से लगभग ₹20,000 ऐंठ लिए गए। मामले का खुलासा तब हुआ जब एक पशु चिकित्सक को सौंपी गई रिपोर्ट पर संदेह हुआ। लैब से सीधे संपर्क करने पर पुष्टि हुई कि उस नाम से कोई टेस्ट हुआ ही नहीं था।
प्रशासनिक व कानूनी कार्रवाई
AHPL ने पीड़ित मालिक के साथ मिलकर दोषियों के खिलाफ पुलिस में औपचारिक शिकायत दर्ज कराने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। संस्थान ने निष्पक्ष जांच और दोषियों पर सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की है। फर्जी रिपोर्ट के आधार पर गलत इलाज होने से पालतू जानवर की जान जा सकती है। इससे पशु चिकित्सा प्रणाली पर से लोगों का भरोसा टूटता है। AHPL ने सभी पेट-ओनर्स से अपील की है कि किसी भी लैब की रिपोर्ट मिलने पर उसके आधिकारिक नंबर पर संपर्क करके रिपोर्ट की सत्यता अवश्य जांच लें।