‘वंदे मातरम्’ विवाद को लेकर बढ़ते राजनीतिक तनाव के बीच कांग्रेस ने जांच समिति गठित की है। यह समिति इंदौर नगर निगम के हालिया घटनाक्रम और उससे जुड़े मुद्दों की जांच कर एक सप्ताह में रिपोर्ट सौंपेगी।
एआईसीसी की ओर से मध्यप्रदेश प्रभारी हरीश चौधरी ने दो सदस्यीय समिति का गठन किया है। समिति को निर्देश दिया गया है कि वह सभी पक्षों को सुनकर संगठन को रिपोर्ट दे, ताकि आगे की कार्रवाई तय की जा सके।
यह कदम उस समय उठाया गया है जब ‘वंदे मातरम्’ गाने से इनकार करने वाली कांग्रेस पार्षदों—फौजिया शेख अलीम और रुबीना इकबाल खान—के खिलाफ पुलिस ने मामला दर्ज किया है।
वहीं सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी ने इस मुद्दे को लेकर कांग्रेस पर तीखा हमला बोला है। मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने इसे सांप्रदायिक माहौल बिगाड़ने की कोशिश बताया और कहा कि ‘वंदे मातरम्’ गाने से इनकार करना देश का अपमान है।
इस पर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने पलटवार करते हुए कहा कि कांग्रेस को देशभक्ति का प्रमाणपत्र देने का अधिकार भाजपा को नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि इस विवाद को जानबूझकर उछालकर स्थानीय मुद्दों से ध्यान भटकाया जा रहा है।
इंदौर नगर निगम के बजट सत्र के दौरान आठ अप्रैल को यह विवाद तब शुरू हुआ था जब कुछ पार्षदों ने धार्मिक कारणों का हवाला देते हुए ‘वंदे मातरम्’ गाने से इनकार कर दिया था, जिसके बाद मामला राजनीतिक रूप से गरमा गया।