सन्मार्ग संवाददाता
श्री विजयपुरम : अंडमान एवं निकोबार प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अभियान समिति के अध्यक्ष जी. भास्कर ने हाल ही में मायाबंदर के निकट हुए पवन हंस हेलीकॉप्टर हादसे पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए अंडमान एवं निकोबार द्वीपसमूह के उपराज्यपाल को पत्र लिखा है। उपराज्यपाल को संबोधित अपने पत्र में श्री जी. भास्कर ने पवन हंस लिमिटेड (पीएचएल) के डॉफिन एन3 हेलीकॉप्टर की दुखद दुर्घटना का उल्लेख किया, जो कथित रूप से 24 फरवरी को विमान में आई “तकनीकी खराबी” के कारण हुई। घटना के समय हेलीकॉप्टर में पांच यात्री और दो चालक दल के सदस्य सवार थे।
उन्होंने बताया कि मायाबंदर निवासी नंबी अम्मा, जो इस हादसे में गंभीर रूप से घायल हो गई थीं और बाद में उन्नत उपचार के लिए पोर्ट ब्लेयर भेजी गईं, उनका दुर्भाग्यवश 27 फरवरी को निधन हो गया। अन्य घायल यात्री वर्तमान में उपचाराधीन हैं। भास्कर ने कहा कि इस दुखद निधन ने द्वीप समुदाय को गहराई से झकझोर दिया है।
पत्र में उल्लेख किया गया है कि अंडमान एवं निकोबार द्वीपसमूह में संचालित हेलीकॉप्टर कई दशकों से सेवा में हैं और द्वीपवासियों की सुरक्षा, जो चिकित्सीय आपात स्थितियों और द्वीपों के बीच आवागमन के लिए हेलीकॉप्टर सेवाओं पर अत्यधिक निर्भर हैं, किसी भी परिस्थिति में समझौते का विषय नहीं हो सकती।
भास्कर ने उपराज्यपाल को 26 जनवरी 2025 को नेताजी स्टेडियम में दिए गए उनके संबोधन की भी याद दिलाई, जिसमें घोषणा की गई थी कि 12 यात्री क्षमता वाले चार सिकोरस्की हेलीकॉप्टर श्री विजयापुरम पहुंच चुके हैं और आवश्यक औपचारिकताएं पूरी होने के बाद नियमित संचालन प्रारंभ करेंगे। घोषणा के लगभग एक वर्ष बाद भी उनके संचालन शुरू न होने पर उन्होंने प्रश्न उठाया। उन्होंने यह भी कहा कि ऐसी चिंताएं व्यक्त की जा रही हैं कि मंजूरी संबंधी मुद्दों के कारण इन हेलीकॉप्टरों को मुख्यभूमि के शहरों में उपयोग हेतु भेज दिया गया है, जो यदि सत्य है तो अत्यंत गंभीर विषय है।
पत्र में जोर देकर कहा गया कि हालिया दुर्घटना ने एक बार फिर द्वीपों में हेलीकॉप्टर बेड़े के आधुनिकीकरण की तात्कालिक आवश्यकता को रेखांकित किया है। भास्कर ने दुर्घटना की गहन और पारदर्शी जांच कराने तथा विशेष रूप से द्वीप संचालन के लिए अत्याधुनिक तकनीक से युक्त हेलीकॉप्टरों की खरीद और तैनाती की मांग की है।
यह कहते हुए कि हेलीकॉप्टर सेवाएं कोई विलासिता नहीं बल्कि भौगोलिक रूप से अलग-थलग पड़े द्वीपों के लिए जीवनरेखा हैं, भास्कर ने अंडमान एवं निकोबार द्वीपसमूह के लोगों के जीवन की सुरक्षा हेतु उपराज्यपाल के तत्काल और व्यक्तिगत हस्तक्षेप की मांग की है।