टॉप न्यूज़

मायाबंदर हेलीकॉप्टर दुर्घटना के बाद कथित लापरवाही पर कांग्रेस ने जांच की मांग की

सन्मार्ग संवाददाता
श्री विजयपुरम :
अंडमान एवं निकोबार प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने 24 फरवरी को मायाबंदर में पवन हंस हेलीकॉप्टर से संबंधित हालिया विमान दुर्घटना के बाद मरीजों के उपचार में कथित लापरवाही की गहन और निष्पक्ष जांच की मांग की है। अंडमान एवं निकोबार प्रशासन के मुख्य सचिव को संबोधित पत्र में एएनटीसीसी अध्यक्ष श्री जी. भास्कर ने यात्री नंबी अम्मा को दी गई चिकित्सीय प्रतिक्रिया को लेकर गंभीर चिंताएं व्यक्त की हैं। पत्र के अनुसार, घटना में तत्काल कोई मृत्यु नहीं हुई थी, किंतु नंबी अम्मा के फेफड़ों में कथित रूप से पानी चला गया था, उन्हें 25 फरवरी को सड़क मार्ग से पोर्ट ब्लेयर भेजा गया। पत्र में कहा गया है कि मरीज को खराब स्थिति वाली एनएच-4 सड़क पर लगभग सात घंटे की यात्रा सहनी पड़ी। पोर्ट ब्लेयर पहुंचने तक उनकी स्थिति कथित रूप से काफी बिगड़ चुकी थी। उन्हें आईसीयू में भर्ती कर वेंटिलेटर पर रखा गया, किंतु 27 फरवरी की शाम उनका निधन हो गया।

भास्कर ने कई मुद्दों पर स्पष्टीकरण मांगा है, जिनमें मायाबंदर में गंभीर मामलों से निपटने के लिए आपात चिकित्सा अवसंरचना की उपलब्धता, उपचाररत चिकित्सक की आवश्यक योग्यता, तथा मरीज को सड़क मार्ग से ले जाने के बजाय एयरलिफ्ट क्यों नहीं किया गया, शामिल हैं। उन्होंने प्रश्न उठाया कि यदि पवन हंस हेलीकॉप्टर उपलब्ध नहीं था तो आपात निकासी के लिए कोस्ट गार्ड, नौसेना या वायु सेना जैसी एजेंसियों से सहायता क्यों नहीं ली गई।

पत्र में यह भी पूछा गया है कि स्थानांतरण के दौरान क्या कोई योग्य चिकित्सक मरीज के साथ था तथा क्या एंबुलेंस में पर्याप्त जीवन रक्षक उपकरण, ऑक्सीजन समर्थन और गंभीर मरीज के लिए उपयुक्त निगरानी प्रणाली उपलब्ध थी।

यह आरोप लगाते हुए कि स्थानांतरण के दौरान लापरवाहीपूर्ण प्रबंधन ने मरीज की स्थिति को और बिगाड़ने में योगदान दिया हो सकता है, भास्कर ने इस व्यापक चिंता को भी रेखांकित किया कि जिला मुख्यालय होने के बावजूद मायाबंदर, जीवन-घातक आपात स्थितियों से निपटने के लिए कितनी तैयार है। उन्होंने कहा कि पर्याप्त आपात चिकित्सा सुविधाओं का अभाव द्वीपसमूह में जवाबदेही और आपदा प्रतिक्रिया तंत्र पर गंभीर प्रश्न खड़े करता है।

इन परिस्थितियों को देखते हुए अंडमान एवं निकोबार प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने प्रशासन से व्यापक जांच के आदेश देने, किसी भी चूक के लिए जिम्मेदारी तय करने तथा अंडमान एवं निकोबार द्वीपसमूह में आपात चिकित्सा और निकासी तंत्र को सुदृढ़ करने के लिए तत्काल सुधारात्मक कदम उठाने का आग्रह किया है।

SCROLL FOR NEXT