नई दिल्ली : राजधानी दिल्ली में शनिवार को प्रस्तावित विरोध प्रदर्शन को लेकर सुरक्षा एजेंसियां पूरी तरह सतर्क हो गई हैं। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'कॉकरोच जनता पार्टी' (सीजेपी) के संस्थापक अभिजीत दीपके के आह्वान पर जंतर-मंतर पर बड़े प्रदर्शन की तैयारी की जा रही है। प्रदर्शन की घोषणा के बाद दिल्ली पुलिस ने व्यापक सुरक्षा इंतजाम किए हैं और संवेदनशील क्षेत्रों में अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती शुरू कर दी है।
दिल्ली पुलिस को आशंका है कि देश के विभिन्न राज्यों से बड़ी संख्या में लोग प्रदर्शन में शामिल होने के लिए राजधानी पहुंच सकते हैं। इस आंदोलन में छात्रों, कोचिंग संस्थानों से जुड़े लोगों और आम नागरिकों के शामिल होने की संभावना जताई जा रही है। स्थिति को देखते हुए नई दिल्ली जिले को 12 जोन में बांटा गया है और करीब 2000 पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया है।
प्रस्तावित प्रदर्शन के मद्देनजर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के आवासों के आसपास सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी कर दी गई है। पुलिस और खुफिया एजेंसियां पूरे घटनाक्रम पर लगातार नजर बनाए हुए हैं।
दिल्ली पुलिस के अनुसार, जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के लिए अब तक कोई औपचारिक अनुमति आवेदन नहीं मिला है। अधिकारियों का कहना है कि प्रदर्शन की जानकारी उन्हें मुख्य रूप से सोशल मीडिया पोस्ट और ऑनलाइन संदेशों के जरिए प्राप्त हुई है। यदि आयोजकों की ओर से अनुमति मांगी जाती है तो नियमानुसार उस पर विचार किया जाएगा।
सीजेपी ने परीक्षा संबंधी कथित गड़बड़ियों को लेकर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग करते हुए प्रदर्शन का आह्वान किया है। पार्टी संस्थापक अभिजीत दीपके ने समर्थकों और छात्रों से दिल्ली पहुंचकर आंदोलन में शामिल होने की अपील की है। उन्होंने कहा है कि अमेरिका से लौटने के बाद वह स्वयं इस प्रदर्शन का नेतृत्व करेंगे।
दिल्ली पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों ने कानून-व्यवस्था और संभावित भीड़ को देखते हुए उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की। सभी जिला इकाइयों को अलर्ट पर रखा गया है और खुफिया सूचनाओं के आधार पर हालात का लगातार आकलन किया जा रहा है।
सूत्रों के अनुसार, खुफिया एजेंसियां उन रिपोर्टों की भी जांच कर रही हैं जिनमें कुछ राजनीतिक समूहों द्वारा प्रदर्शन को समर्थन देने की बात कही गई है। सुरक्षा एजेंसियां हर संभावित पहलू पर नजर रख रही हैं ताकि राजधानी में कानून-व्यवस्था बनी रहे।
जलवायु कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने भी कहा है कि यदि केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा नहीं देते हैं तो वह इस विरोध प्रदर्शन में शामिल होंगे। फिलहाल दिल्ली पुलिस और सुरक्षा एजेंसियां पूरे मामले पर लगातार नजर बनाए हुए हैं।