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पश्चिम एशिया संकट के बीच अप्रैल में 2.56 करोड़ टन कोयला बेचेगी कोल इंडिया

ई-नीलामी से उद्योगों को राहत देने की तैयारी, आयातित कोयला महंगा होने से मांग बढ़ी

Coal India Limited ने अप्रैल में ऑनलाइन नीलामी के जरिए 2.56 करोड़ टन कोयला बेचने की योजना बनाई है। कंपनी का यह कदम West Asia संकट के बीच उद्योगों को ऊर्जा आपूर्ति में संभावित झटकों से राहत देने के उद्देश्य से उठाया गया है।

एलएनजी, एलपीजी और कच्चे तेल की आपूर्ति में व्यवधान के कारण कोयले की मांग बढ़ी है और आयातित कोयला महंगा हो गया है। इसी को देखते हुए कोल इंडिया ई-नीलामी के जरिए आपूर्ति बढ़ाने की तैयारी कर रही है।

कंपनी ने फरवरी में 2.05 करोड़ टन के मुकाबले मार्च में 3.25 करोड़ टन कोयले की पेशकश की थी। कोल इंडिया एकल खिड़की माध्यम (एसडब्ल्यूएमए) नीलामी प्रणाली के जरिए कोयला बेचती है, जिसे 2022 में शुरू किया गया था, ताकि खरीद प्रक्रिया को आसान और पारदर्शी बनाया जा सके।

एसडब्ल्यूएमए नीलामी कैलेंडर के अनुसार, वेस्टर्न कोलफील्ड्स, साउथ ईस्टर्न कोलफील्ड्स, सेंट्रल कोलफील्ड्स, नॉर्दर्न कोलफील्ड्स, भारत कोकिंग कोल, ईस्टर्न कोलफील्ड्स और महानदी कोलफील्ड्स समेत विभिन्न अनुषंगी कंपनियां अलग-अलग मात्रा में कोयले की पेशकश करेंगी। देश के कुल कोयला उत्पादन में कोल इंडिया की हिस्सेदारी करीब 80 प्रतिशत है।

कंपनी ने यह भी कहा है कि Bangladesh, Bhutan और Nepal के खरीदार अब सीधे ऑनलाइन नीलामी में भाग ले सकेंगे, जिससे पारदर्शिता बढ़ेगी और अधिशेष कोयले का बेहतर उपयोग हो सकेगा।

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