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महंगी हुई CNG, बढ़ी ऑटो चालकों की मुश्किलें

लाइन में गुजर रहा दिन, ऑटो चालकों की बढ़ी परेशानी

महंगा हुआ सफर, बढ़ी इंतजार की अवधि

मेट्रो रूट पर किराया बढ़ाना मुश्किल

मुनमुन, सन्मार्ग संवाददाता

कोलकाता : महानगर में इन दिनों ईंधन संकट का असर आम जनजीवन पर साफ दिखाई दे रहा है। पश्चिम एशिया में चल रहे युद्ध के कारण सीएनजी और घरेलू गैस की आपूर्ति प्रभावित हुई है, जिसका सीधा असर शहर के ऑटो चालकों और यात्रियों पर पड़ रहा है। हालात ऐसे हो गए हैं कि जहां एक ओर सीएनजी की कीमत में पिछले एक सप्ताह में करीब 13 रुपये की बढ़ोतरी हुई है, वहीं दूसरी ओर गैस की कमी ने ऑटो संचालन को भी सीमित कर दिया है। महानगर के कई प्रमुख रूटों बेहला, रासबिहारी, गरियाहाट, टॉलीगंज और जादवपुरपर में ऑटो सेवाएं बुरी तरह प्रभावित हुई हैं। पहले जो सफर एक ही बार में पूरा हो जाता था, अब वह दो या तीन हिस्सों में बंट गया है। यात्रियों को अपनी मंजिल तक पहुंचने के लिए बार-बार ऑटो बदलना पड़ रहा है, जिससे समय और पैसे दोनों की बर्बादी हो रही है।

लाइन में गुजर रहा दिन, ऑटो चालकों की बढ़ी परेशानी

30 वर्षों से ऑटो चला रहे महादेव डे ने बताया कि उन्हें सुबह से ही CNG पंप पर लंबी कतार में खड़ा रहना पड़ा और गैस शाम तक मिल पाई। उनका कहना है कि अगर दिन का अधिकांश समय लाइन में ही बीत जाएगा, तो वे सड़कों पर गाड़ी कब चलाएंगे और कमाई कैसे होगी। ऐसे हालात में परिवार का पालन-पोषण करना उनके लिए दिन-ब-दिन मुश्किल होता जा रहा है।

मेट्रो के कारण नहीं बढ़ा पा रहे ऑटो का किराया

टॉलीगंज-कबरडांगा रूट के चालक अशोक विश्वास ने बताया कि पिछले एक सप्ताह में CNG की कीमत में 13 रुपये की बढ़ोतरी हो चुकी है, लेकिन इसके बावजूद वे किराया बढ़ाने की स्थिति में नहीं हैं। उनका कहना है कि जिन रूटों पर मेट्रो जैसी सुविधाएं उपलब्ध हैं, वहां किराया बढ़ाने पर यात्री ऑटो लेना ही छोड़ देंगे। उन्होंने प्रशासन से अनुरोध किया कि जहां अभी चार सवारी बैठाने की अनुमति है, वहां पांच यात्रियों की अनुमति दी जाए, ताकि चालकों को थोड़ी आर्थिक राहत मिल सके। गरिया-बारुईपुर रूट के चालक विकास दास ने बताया कि दिन प्रतिदिन स्थिति और भी गंभीर होती जा रही है। सोमवार को सुबह से लाइन में लगा था, लेकिन पंप पर ईंधन खत्म हो गया। शाम तक इंतजार के बाद सिर्फ 15 लीटर गैस मिल पाई।

किराया दोगुना, यात्रियों के जेब पर पड़ रहा असर

इस संकट का सबसे बड़ा असर यात्रियों पर पड़ा है। गरिया-बारुईपुर जाने वाली यात्री रूपा साव ने बताया कि जहां पहले एक निश्चित किराये में सफर पूरा हो जाता था, अब उसी दूरी के लिए दोगुना या कभी-कभी तीन गुना किराया देना पड़ रहा है। जो सफर 20‑25 रुपये हो जाता था अब वह 50 रुपये तक पहुंच गया है। हालांकि, ऑटो चालक भी अपनी मजबूरी जाहिर कर रहे हैं। फूलबगान–ग्रीस पार्क रूट पर जाने वाले राधिका अग्रवाल ने कहा कि पहले जहां 20 रुपये लगते थे, अब वहीं 25 रुपये देने पड़ रहे हैं।

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