कोलकाता : मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने चुनाव में करारी हार के बाद पहली बार मंगलवार की शाम कालीघाट स्थित अपने आवास से मीडिया को संबोधित करते हुए स्पष्ट कर दिया कि वे किसी भी स्थिति में इस्तीफा नहीं देंगी। उन्होंने कहा कि यह हार नहीं, बल्कि साजिश के तहत उनकी जीत छीनी गई है। उन्होंने कहा, “हम हारे नहीं हैं, जबरन वोट लूटे गए हैं, तो इस्तीफा क्यों दूं?” प्रेस वार्ता के दौरान उन्होंने चुनाव आयोग पर तीखा हमला करते हुए उसे “विलेन” और “पक्षपाती” करार दिया। ममता का आरोप है कि आयोग की भूमिका निष्पक्ष नहीं रही और उसकी मदद से 100 से अधिक सीटों पर परिणाम प्रभावित किए गए। उन्होंने कहा कि यदि विपक्ष स्वाभाविक रूप से जीतता, तो उन्हें कोई आपत्ति नहीं होती, लेकिन जिस तरह चुनाव प्रक्रिया संचालित हुई, वह लोकतंत्र के लिए चिंताजनक है।
मतगणना केंद्रों पर किया गया दुर्व्यवहार
मुख्यमंत्री ने केंद्रीय बलों, विशेषकर सीआरपीएफ पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि मतगणना केंद्रों पर उनके साथ दुर्व्यवहार किया गया। उनका दावा है कि जब वह स्वयं केंद्र पहुंचीं, तो उन्हें रोका गया, उनकी गाड़ी रास्ते में रोक दी गई और उनके साथ धक्का-मुक्की की गई। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि सीसीटीवी कैमरे बंद थे और उनके एजेंटों को अंदर प्रवेश नहीं दिया गया। ममता बनर्जी ने भाजपा पर भी हिंसा और डर का माहौल बनाने का आरोप लगाया। उनका कहना है कि मतगणना के दौरान मीडिया में भाजपा को बढ़त दिखाए जाने के बाद कई जगहों पर हमले शुरू हो गए। उन्होंने दावा किया कि उनके समर्थकों को पीटा गया, महिलाओं को धमकियां दी गईं और प्रशासन निष्क्रिय बना रहा।
अब सड़कों पर होगी लड़ाई
इस पूरे घटनाक्रम के बीच ममता ने खुद को “मुक्त पंछी” बताते हुए कहा कि अब वह सड़कों पर उतरकर आंदोलन करेंगी। उन्होंने बताया कि इंडिया गठबंधन के नेताओं सोनिया गांधी, राहुल गांधी, अरविंद केजरीवाल, उद्धव ठाकरे, अखिलेश यादव और हेमंत सोरेन ने उन्हें समर्थन दिया है। उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी इस परिणाम को अंतिम नहीं मानती और लोकतंत्र की रक्षा के लिए संघर्ष जारी रहेगा। चुनाव के बाद हुई हिंसा की जांच के लिए तृणमूल कांग्रेस ने 10 सदस्यीय फैक्ट-फाइंडिंग कमेटी गठित करने का निर्णय लिया है, जिसमें पांच सांसद शामिल होंगे। इस दौरान उनके साथ अभिषेक बनर्जी, डेरेक ओ’ब्रायन, कल्याण बनर्जी, शोभनदेव चट्टोपाध्याय, फिरहाद हकीम और चंद्रिमा भट्टाचार्य जैसे वरिष्ठ नेता मौजूद थे।