कोलकाता: पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने भाजपा की रथयात्रा और ‘परिवर्तन यात्रा’ को लेकर तीखा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि उन्हें खबर मिली है कि एक भाजपा के बीएलए की मृत्यु हो गई है। मुख्यमंत्री ने सवाल उठाया, “यह किसकी गलती है? यह किसके दोष से हो रहा है?” उन्होंने आरोप लगाया कि यहां एक व्यक्ति है जो सबके साथ बदमाशी करता है और अपनी पीठ बचाने के लिए बीएलओ अधिकारियों को दोषी ठहराया जा रहा है।
उन्होंने बीएलओ और अन्य कर्मचारियों की मेहनत की तारीफ करते हुए कहा कि चार महीने तक दिन-रात काम किया गया, फिर भी नाम कटने की प्रक्रिया जारी है। उन्होंने बताया कि दिल्ली से निर्देश मिलने के बाद यहां नाम काटे जा रहे हैं और भाजपा की रथयात्रा निकाली जा रही है। मुख्यमंत्री ने चेतावनी दी कि यह रथयात्रा उनकी अंतिम यात्रा होगी और इसे ‘विनाश यात्रा’ कहा।
मुख्यमंत्री के इन बयानों से राजनीतिक और सामाजिक दोनों ही क्षेत्रों में हलचल मच गई है। एक ओर उन्होंने भाजपा की परिवर्तन यात्रा और रथयात्रा पर तीखा कटाक्ष किया, वहीं दूसरी ओर धार्मिक और सामाजिक सौहार्द बढ़ाने के लिए जैन समुदाय को मंदिर निर्माण की सुविधा प्रदान की।
इस प्रकार मुख्यमंत्री का संदेश स्पष्ट है: भ्रष्टाचार और राजनीतिक मनमुटाव के खिलाफ सख्त रुख अपनाया जाएगा, और समाज में सभी समुदायों के लिए विकास और समान अवसर सुनिश्चित किए जाएंगे। यह निर्णय राज्य में राजनीतिक और सांस्कृतिक दोनों ही दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।