कोलकाता: देश में रसोई गैस की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी के खिलाफ मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने रविवार को अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर महिलाओं से सड़क पर उतरकर विरोध प्रदर्शन करने की अपील की। शनिवार को धर्मतल्ला धरना मंच से उन्होंने महिलाओं से हाथा-खुंती, हांड़ी-कड़ाही और रसोई के अन्य सामान लेकर मार्च में शामिल होने का अनुरोध किया।
मुख्यमंत्री ने बताया कि यह मार्च रसोई गैस की बढ़ती कीमतों के खिलाफ प्रतीकात्मक और शांतिपूर्ण विरोध का माध्यम होगा। उन्होंने स्वयं सफेद साड़ी पहनने की बात कही और महिलाओं से काली साड़ी पहनकर आने का आग्रह किया। उन्होंने इसे वकीलों के काले कोट की तरह विरोध व्यक्त करने का एक तरीका बताया। मार्च की रूपरेखा तय करने की जिम्मेदारी उन्होंने राज्य की वित्त मंत्री चंद्रिमा भट्टाचार्य को सौंपी है।
ममता बनर्जी ने केंद्र सरकार पर भी हमला बोला। उन्होंने कहा कि शुक्रवार को रसोई गैस सिलिंडर की कीमत में लगभग 60 रुपये की वृद्धि हुई, जबकि तीन दिन पहले भी कीमत बढ़ाई गई थी। बड़े सिलिंडर की कीमत लगभग 2,100 रुपये और छोटे सिलिंडर की कीमत लगभग 1,000 रुपये तक पहुंच गई है। उन्होंने कहा कि लगातार बढ़ती कीमतें आम लोगों की रसोई और जीवन पर सीधा असर डाल रही हैं।
मुख्यमंत्री ने महिलाओं से कहा कि वे गैस चूल्हा, कच्ची सब्जियां या अन्य रसोई के सामान लेकर आएं ताकि यह दिखाया जा सके कि रसोई चलाना आम परिवारों के लिए कितना मुश्किल हो गया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह प्रदर्शन पूरी तरह शांतिपूर्ण होगा और किसी भी प्रकार की अशांति से बचा जाएगा।
ममता ने केंद्र सरकार पर सवाल उठाते हुए कहा, “जो चीजें हर किसी के जीवन में आवश्यक हैं, वे उपलब्ध नहीं हैं, लेकिन लगातार चीजों के दाम बढ़ रहे हैं।” उनका यह कदम महिलाओं और आम जनता के अधिकारों की रक्षा के लिए प्रतीकात्मक विरोध माना जा रहा है।