हावड़ा में सारथी योजना के तहत छात्रों को साइकिल प्रदान करते सीएम शुभेंदु अधिकारी। साथ हैं उच्च शिक्षा मंत्री जगन्नाथ चट्टोपाध्याय, राज्य मंत्री उमेश राय, विधायक रुद्रनील घोष, जिलाअधिकारी पी दिपाप प्रिया, सीपी अखिलेश चर्तुवेदी व अन्य अधिकारी 
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12.59 लाख स्कूली छात्रों को मिलेगा ‘सारथी’ का लाभ : सीएम

अगले साल से 8वीं से ही सुविधा दी जाने की घोषणा की

Nidhi Gupta

निधि, सन्मार्ग संवाददाता

हावड़ा : हावड़ा के बेंटरा स्थित मधुसूदन पाल चौधरी हाईस्कूल में मंगलवार को मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने स्कूली छात्रों के लिए नई ‘सारथी’ साइकिल योजना की औपचारिक शुरुआत की। नई योजना के तहत अब छात्रों को पहले की ‘सबुजसाथी’ योजना की जगह ‘सारथी’ नाम से साइकिल दी जाएगी। सरकार के अनुसार इस योजना पर करीब 508 करोड़ रुपये खर्च होंगे और राज्य के 12.59 लाख स्कूली छात्रों को इसका लाभ मिलेगा। कार्यक्रम को लेकर पहले से तैयारियां की गई थीं और इसी स्कूल से राज्यस्तरीय शुरुआत की गई।

मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले नौवीं कक्षा में पहुंचने पर छात्रों को साइकिल दी जाती थी, लेकिन अगले साल से आठवीं कक्षा में ही छात्रों को सारथी साइकिल उपलब्ध कराई जाएगी। उनके अनुसार नई साइकिलों की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान दिया गया है। साइकिलों में उचित रोशनी और बेहतर टायर की व्यवस्था की गई है, ताकि छात्रों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए उन्हें आने-जाने में सुविधा हो। सीएम ने कार्यक्रम के दौरान कहा कि केवल योजना का नाम और लोगो बदलने तक ही बदलाव सीमित नहीं है, बल्कि साइकिलों की गुणवत्ता की जांच के लिए भी व्यवस्था की गई है। नई साइकिलों का रंग भी बदला गया है और पुराने नीले रंग तथा विश्व बांग्ला लोगो की जगह भगवा रंग को अपनाया गया है।

बंगाल में ही साइकिल निर्माण कारखाने के लिए दी जायेगी जमीन

मुख्यमंत्री ने पिछली सरकार की योजनाओं को लेकर भी टिप्पणी की। उन्होंने आरोप लगाया कि पहले योजनाओं के नाम पर रिश्तेदारों और करीबियों को फायदा पहुंचाने तथा भ्रष्टाचार का मौका दिया गया। शुभेंदु अधिकारी ने कहा कि उनकी सरकार किसी तरह की चोरी नहीं होने देगी और पूरी प्रक्रिया में गुणवत्ता व पारदर्शिता पर ध्यान दिया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि अब सारथी साइकिलों का निर्माण बंगाल में ही कराया जाएगा। इसके लिए साइकिल कारखाना स्थापित करने के उद्देश्य से सरकार जमीन उपलब्ध कराएगी। मुख्यमंत्री के मुताबिक पहले बाहर से कल-पुर्जे लाकर यहां साइकिल तैयार की जाती थीं, लेकिन अब निर्माण प्रक्रिया को राज्य में ही विकसित करने की दिशा में कदम उठाया जा रहा है। कार्यक्रम के बाद मुख्यमंत्री ने स्कूल के विद्यार्थियों के साथ एक ही टेबल पर बैठकर मिड डे मील का भोजन भी किया और उनसे बातचीत की।

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