नयी दिल्ली : जंतर-मंतर पर प्रदर्शन से पहले दिल्ली हवाईअड्डे पर हिरासत में लिये जाने के बाद एहतियातन गिरफ्तार किये गये कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के नेताओं अभिजीत दीपके, आशुतोष रांका और सौरव दास को रविवार सुबह कार्यकारी मजिस्ट्रेट के समक्ष पेश किये जाने के बाद रिहा कर दिया गया। रिहा होने के कुछ घंटे बाद CJP नेताओं ने ऐलान किया कि मुख्य निर्वाचन आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के खिलाफ उनका आंदोलन जारी रहेगा। प्रदर्शन का विस्तार अब देशभर में होगा। दिल्ली में लगातार दूसरे दिन भारी सुरक्षा व्यवस्था के बावजूद विरोध प्रदर्शन जारी रहा। नारेबाजी करते हुए जंतर-मंतर की ओर मार्च कर रहे 200 से अधिक प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया गया।
50,000 रुपये का बांड भरवाया गया : पुलिस
CJP की लीगल हेड रत्ना सिंह ने बताया कि कोर्ट ने दिपके, दास और रांका को ‘शांति बनाये रखने’ की शर्त पर रिहा किया है। इससे पहले दिल्ली पुलिस ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा था कि सभी आवश्यक कानूनी प्रक्रियाओं का पालन करने के बाद तीनों को एहतियातन गिरफ्तार किया गया और रविवार को दिल्ली कैंट स्थित विशेष कार्यकारी मजिस्ट्रेट (SEM) की अदालत में पेश किया गया। एक साल की अवधि के लिए शांति बनाये रखने और अच्छे आचरण की शर्त पर 50,000 रुपये का बांड भरवाया गया, जिसके बाद SEM अदालत ने उन्हें रिहा कर दिया। शनिवार को CJP नेताओं और चार पूर्व मुख्यमंत्रियों सहित 7,000 से अधिक लोगों को हिरासत में लिया गया था।
‘प्रदर्शन अब पूरे देश में होंगे’
हिरासत से रिहा होने के कुछ घंटे बाद CJP नेताओं ने ज्ञानेश कुमार के खिलाफ अपना आंदोलन जारी रखने का रविवार को संकल्प लिया। सौरव दास ने आरोप लगाया कि मोदी सरकार ने ‘आपातकाल जैसी स्थिति’ पैदा कर दी है। दास ने रिहाई के समय लगायी गयी शर्त का उल्लेख करते हुए कहा कि शांति भंग करने का काम नरेंद्र मोदी, अमित शाह और ज्ञानेश कुमार ने किया है। प्रदर्शन जारी हैं...प्रदर्शन सिर्फ दिल्ली में ही नहीं, बल्कि पूरे देश में होंगे।
फिर जंतर-मंतर की ओर मार्च करने की कोशिश
इस बीच पुलिस ने दिल्ली में सुरक्षा व्यवस्था को यथावत रखा है। पुलिस और अर्द्धसैनिक बलों के 30,000 से अधिक जवान तैनात हैं। इसके बावजूद CJP समर्थकों ने जंतर-मंतर की ओर मार्च करने की कोशिश की। इस दौरान कई प्रदर्शनकारियों को पुलिस वाहनों में घसीटकर ले जाते हुए देखा गया। यही नहीं ‘ज्ञानेश कुमार इस्तीफा दो, इस्तीफा दो’ के नारे लगाते SFI, AISA और क्रांतिकारी युवा संगठन (KYS) के सदस्यों को राजधानी के अलग-अलग हिस्सों से जंतर-मंतर की तरफ जाते हुए हिरासत में ले लिया गया। AISA की अध्यक्ष नेहा बोरा को भी विजय चौक के पास हिरासत में ले लिया गया।