भारत में अब भी जारी हैं बाल विवाह!  
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बाल विवाह कम हुए, पर करोड़ों लड़कियां अब भी खतरे में

देश में हर पांचवीं लड़की की 18 की उम्र से पहले ही हो जाती है शादी!

Lokendra Bahuguna

नयी दिल्ली : भारत में 2030 तक बाल विवाह समाप्त करने का लक्ष्य नजदीक आ रहा है। इसके बावजूद दुनिया की हर तीन में से एक बालिका वधु भारतीय है। देश में हर पांच में से एक लड़की की शादी 18 साल की उम्र से पहले ही हो जाती है।

बंगाल सहित 4 राज्यों में समस्या गंभीर

हालांकि भारत में बाल विवाह की दर 1996 में 50 फीसदी से ज्यादा थी, जो अब घटकर लगभग 20 रह गयी है। फिर भी अंतरराष्ट्रीय बालिका दिवस के मौके पर विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि राष्ट्रीय औसत को देखकर गुमराह नहीं होना चाहिए, क्योंकि कुछ राज्यों में यह समस्या कहीं अधिक गंभीर है। संयुक्त राष्ट्र बाल कोष (UNICEF) और सरकार के आंकड़ों के अनुसार देश में होने वाले कुल बाल विवाह में से आधे से ज्यादा पांच राज्यों- उत्तर प्रदेश, बिहार, पश्चिम बंगाल, महाराष्ट्र और मध्यप्रदेश- में होते हैं। जबकि बाल विवाह पर लगाम लगाने के मामले में केरल और लक्षद्वीप अच्छी प्रगति कर रहे हैं।

प्रगति तो हुई पर अभी काफी कुछ किया जाना बाकी : सिंथिया

UNICEF की भारत प्रतिनिधि सिंथिया मैककैफ्री ने एक भेंट में कहा कि इस साल ‘अंतरराष्ट्रीय बालिका दिवस’ की थीम ‘बाल विवाह खत्म करें और लड़कियों के अधिकारों में निवेश करें’ किशोरावस्था के दौरान लगातार निवेश करने का आह्वान करती है। ताकि लड़कियां स्कूल न छोड़ें, स्वस्थ एवं सुरक्षित रहें, उनमें कौशल विकास हो, वे अवसरों का लाभ उठाएं और खुद के जीवन को प्रभावित करने वाले फैसलों में अपना पक्ष रख सकें। उन्होंने कहा कि भारत ने शिक्षा, स्वास्थ्य, पोषण, बाल सुरक्षा और सामाजिक सुरक्षा जैसे क्षेत्रों में लगातार प्रयासों के जरिये लड़कियों के अधिकारों को आगे बढ़ाने और बाल विवाह में कमी लाने की दिशा में महत्वपूर्ण प्रगति की है। इन क्षेत्रों में निवेश बढ़ाने के साथ-साथ लड़कियों की आवाज, निर्णय लेने की क्षमता और भागीदारी को मजबूत करने से यह प्रगति और तेज होगी।

15 साल से कम उम्र में ही हो जाती है 9 करोड़ किशोरियों की शादी

UNICEF के अनुसार भारत में 20-24 साल के आयु वर्ग में शामिल 22.4 करोड़ से ज्यादा युवतियों की शादी 17 साल की उम्र से पहले हो गयी थी। इनमें से नौ करोड़ से ज्यादा युवतियों का विवाह 15 साल से कम उम्र में ही करा दिया गया था। UNICEF का अनुमान है कि दुनिया में हर तीन सेकंड में एक लड़की की शादी होती है और ऐसी शादियों की संख्या हर दिन 1,500 तक पहुंच सकती है।

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