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चंद्रनाथ रथ हत्याकांड: शार्प शूटरों को दी थी सटीक ‘टिप’

ओडिशा जेल में बंद कुख्यात से भी की गयी पूछताछ

 निधि, सन्मार्ग संवाददाता

मध्यमग्राम : शुभेंदु अधिकारी के पीए चंद्रनाथ रथ की हत्या के मामले में जांच लगातार गहराती जा रही है। जांच एजेंसियों का मानना है कि इस हत्याकांड को बेहद सुनियोजित तरीके से अंजाम दिया गया और इसमें बाहरी राज्यों से आए शार्प शूटर शामिल थे। जहां इस ओर जांच में पुलिस की टीम कुछ सूत्रों के हाथ लगने व यूपी रवाना हुई है। वहीं पुलिस की टीम बिहार व बांग्लादेश बॉडर इलाकों में भी सक्रिय गैंग की गतिविधियों को भी खंगाल रहे हैं ताकि चंद्रनाथ हत्याकांड में शामिल अभियुक्तों को जल्द से जल्द गिरफ्तार कर सकें। जांच एजेंसियों ने उत्तर प्रदेश और बिहार में जहां अपनी टीमें भेजी हैं वहीं ओडिशा की जेल में बंद एक कुख्यात अपराधी से भी पूछताछ की गई है। हालांकि पुलिस अधिकारियों को संदेह है कि शार्प शूटर इन्हीं राज्यों से बुलाए गए थे। इसके साथ ही विभिन्न जेलों में बंद पेशेवर सुपारी किलर्स के रिकॉर्ड भी खंगाले जा रहे हैं। हालांकि अबतक किसी कि गिरफ्तारी नहीं हो पायी है।

यूपी ही नहीं बिहार, ओडिशा और बोर्डर इलाकों में पहुंची है टीम

पुलिस सूत्रों के मुताबिक, हमलावरों को पहले से यह सटीक जानकारी थी कि चंद्रनाथ रथ अपनी कार में किस सीट पर बैठे थे। कार के शीशे काले होने के बावजूद शूटर सीधे उसी दिशा में पहुंचे और पॉइंट ब्लैंक रेंज से ताबड़तोड़ फायरिंग की। इस हमले में चंद्रनाथ रथ के शरीर से पांच गोलियां बरामद हुईं, जबकि उनके ड्राइवर के शरीर से तीन गोलियां निकाली गईं। जांच में यह भी सामने आया है कि हमलावरों ने इस ऑपरेशन में दो कारों और 2 बाइक का इस्तेमाल किया था। घटना के बाद आरोपी एक लाल रंग की कार और बाइक से फरार हो गए। पुलिस ने बाद में बारासात इलाके से एक संदिग्ध बाइक बरामद की है। पुलिस को जिस सिल्वर रंग की कार का इस्तेमाल हत्या में होने का शक है, उसका नंबर प्लेट फर्जी निकला। यहां तक कि कार का चेसिस नंबर भी मिटाने की कोशिश की गई थी, ताकि असली पहचान छिपाई जा सके। वहीं एक अन्य लाल रंग की कार जिसमें अभियुक्तों के भाग निकलने की बात कही जा रही है, उसके जरिये भी पुलिस अपराधियों का लिंक निकालने का प्रयास कर रही है।

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