मुनमुन, सन्मार्ग संवाददाता
कोलकाता : नेताजी सुभाष ओपन यूनिवर्सिटी के पूर्व वाइस-चांसलर प्रोफेसर शुभशंकर सरकार ने जादवपुर यूनिवर्सिटी कैंपस की हालिया घटनाओं की जांच के लिए बनाई गई समिति के चेयरमैन का पद संभालने से इनकार कर दिया है। उन्होंने शनिवार को ईमेल के जरिए यूनिवर्सिटी प्रशासन को अपने इस फैसले की जानकारी दी, जिससे पूरी जांच प्रक्रिया पर अनिश्चितता के बादल छा गए हैं।
जेयू जांच समिति को नया मिलेगा चेयरमैन?
प्रशासन ने 19 और 20 अगस्त को कैंपस में हुई घटनाओं की जांच के लिए इस समिति का गठन किया था। इसमें बाबा साहेब अंबेडकर एजुकेशन यूनिवर्सिटी के वीसी अरुणाशीष गोस्वामी और प्रेसीडेंसी यूनिवर्सिटी के सौमेंदु चटर्जी भी शामिल थे। हालांकि, शनिवार को शिक्षकों के संगठन 'अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ' ने अतीत के भर्ती विवादों का हवाला देते हुए शुभशंकर की नियुक्ति पर कड़ी आपत्ति जताई। इसके बावजूद, सूत्रों का कहना है कि शुभशंकर ने आपत्तियां सार्वजनिक होने से पहले ही अपना इस्तीफा ईमेल कर दिया था, जिससे यह स्पष्ट नहीं है कि उनका यह निर्णय विरोध से जुड़ा था या नहीं। हालांकि चेयरमैन के इस अचानक इनकार के बाद यह सवाल खड़ा हो गया है कि क्या प्रशासन नया चेयरमैन नियुक्त करेगा या पूरी समिति का पुनर्गठन करेगा। इस मामले पर प्रतिक्रिया जानने के लिए जब वाइस-चांसलर चिरंजीब भट्टाचार्य से संपर्क किया गया, तो उन्होंने फोन नहीं उठाया। सूत्रों के मुताबिक, शुभशंकर सरकार ने पद से इनकार के पीछे उन्होंने संभवतः व्यक्तिगत कारण बताए हैं।