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सीईओ का स्पष्टीकरण : मामला न्यायिक विचाराधीन

ऋचा घोष मामला

सन्मार्ग संवाददाता

कोलकाता : भारतीय महिला क्रिकेट टीम की विकेटकीपर-बल्लेबाज ऋचा घोष का नाम पश्चिम बंगाल की ड्राफ्ट मतदाता सूची में “अनमैप्ड” पाए जाने को लेकर नया प्रशासनिक विवाद सामने आया है। ताज़ा घटनाक्रम में पश्चिम बंगाल के मुख्य चुनाव अधिकारी ने पूरे मामले पर आधिकारिक प्रतिक्रिया दी है। सीईओ कार्यालय के अनुसार, वर्ष 2002 की मतदाता सूची के संदर्भ में ड्राफ्ट रोल तैयार करते समय उनका नाम “अनमैप्ड” दिखा। इस पर सुनवाई के दौरान उनके परिजन उपस्थित हुए और आवश्यक दस्तावेज जमा किए। हालांकि, संबंधित ईआरओ/एईआरओ द्वारा मामले का निस्तारण नहीं किए जाने की बात सामने आई है। सीईओ ने बताया कि चूंकि मामला लंबित रहा, इसलिए सुप्रीम कोर्ट के आदेश के तहत यह अब न्यायिक विचाराधीन (Judicial Adjudication) में चला गया है। सीईओ कार्यालय ने स्पष्ट किया है कि संबंधित अधिकारियों से यह पूछा गया है कि मामला समय पर निपटाया क्यों नहीं गया। जवाब मिलने के बाद आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।

राजनीतिक और प्रशासनिक महत्व

चूंकि मामला एक अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी से जुड़ा है, इसलिए यह मुद्दा केवल व्यक्तिगत नाम तक सीमित नहीं रह गया है। चुनावी प्रक्रिया की पारदर्शिता, मतदाता सूची की शुद्धता और प्रशासनिक जवाबदेही पर भी सवाल उठ रहे हैं। अब सभी की निगाहें इस पर टिकी हैं कि न्यायिक प्रक्रिया में क्या निर्णय आता है और प्रशासनिक स्तर पर क्या कार्रवाई होती है।

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