इंश्योरेंस के तहत मिलेगा सीधा लाभ
निजी अस्पतालों से 50%–75% सस्ता इलाज
मुनमुन, सन्मार्ग संवाददाता
कोलकाता : महानगर के प्रमुख सरकारी अस्पताल SSKM में अब मरीजों के लिए एक बड़ी सुविधा शुरू हो गई है। अस्पताल के ऐतिहासिक वुडबर्न वार्ड और हाल ही में शुरू की गई अनन्या यूनिट (वुडबर्न-2) में अब हेल्थ इंश्योरेंस के तहत कैशलेस इलाज की व्यवस्था लागू कर दी गई है। इस नई पहल से लाखों बीमाधारकों को सीधे लाभ मिलेगा और इलाज के दौरान भुगतान की चिंता काफी हद तक कम हो जाएगी। अस्पताल प्रशासन ने ‘जनरल इंश्योरेंस’ नेटवर्क के साथ अनुबंध किया है, जिसमें चार प्रमुख बीमा कंपनियां शामिल हैं। इस नेटवर्क के अंतर्गत आने वाले मरीज अब इन दोनों वार्डों में बिना अग्रिम भुगतान के भर्ती हो सकेंगे। वुडबर्न और अनन्या दोनों यूनिट में लगभग 131-150 बेड उपलब्ध हैं, जिससे बड़ी संख्या में मरीजों को सुविधा मिल सकेगी।
पहली बार सरकारी अस्पताल में पूर्ण कैशलेस सुविधा
अस्पताल के एक अधिकारी के अनुसार, यह पहली बार है जब किसी सरकारी अस्पताल में इस तरह की पूर्ण कैशलेस सुविधा शुरू की गई है। पहले यहां केवल रीइम्बर्समेंट (खर्च के बाद पैसे वापस मिलने) की सुविधा थी, लेकिन अब मरीजों को सीधे कैशलेस एडमिशन का लाभ मिलेगा। इलाज के खर्च को लेकर भी अस्पताल ने मरीजों के हित में विशेष कदम उठाए हैं। डॉक्टरों का दावा है कि यहां इलाज का खर्च कोलकाता के औसत निजी अस्पतालों की तुलना में 50% से 75% तक कम है। विभिन्न प्रकार की सर्जरी और इलाज के लिए 150 से अधिक पैकेज तैयार किए गए हैं, जिनमें 2-3 दिन से लेकर 10-12 दिन तक के उपचार शामिल हैं।
पैकेज में शामिल सभी प्रमुख चिकित्सा सुविधाएं
इन पैकेजों में बेड चार्ज, जांच, डॉक्टरों की फीस, ऑपरेशन थिएटर का खर्च और अटेंडेंट का शुल्क जैसी सभी आवश्यक सेवाएं शामिल हैं। अस्पताल प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यदि मरीज को अतिरिक्त जटिलता नहीं होती और निर्धारित अवधि के भीतर इलाज पूरा हो जाता है, तो पैकेज के अलावा कोई अतिरिक्त शुल्क नहीं लिया जाएगा। अस्पताल के एक वरिष्ठ डॉक्टर ने इस पहल को “स्वास्थ्य सेवा के क्षेत्र में एक सकारात्मक और जरूरी कदम” बताया। उन्होंने कहा कि इससे न केवल मरीजों को आर्थिक राहत मिलेगी, बल्कि सरकारी अस्पतालों पर लोगों का भरोसा भी बढ़ेगा। सूत्रों के मुताबिक, आने वाले समय में कई निजी बीमा कंपनियां भी इस सुविधा से जुड़ने की प्रक्रिया में हैं, जिससे और अधिक मरीजों को इसका लाभ मिल सकेगा।