रिटेल बाजारों में अधिकांश सर्दियों की सब्जियां 30 से 40 रुपये प्रति किलो की दर से बिक रही हैं, जो पिछले साल की तुलना में करीब 10 से 15 प्रतिशत कम है। बंगाल वेंडर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष कमल डे के अनुसार, इस साल मौसम की अनुकूल परिस्थितियों ने उत्पादन को बढ़ावा दिया, जिससे बाजार में सप्लाई मजबूत बनी रही। भांगर, बारुईपुर और कैनिंग जैसे कृषि क्षेत्रों में अच्छी पैदावार हुई है, जिसका असर शहर के बाजारों में साफ दिखाई दे रहा है। फूलगोभी, पत्तागोभी, बीन्स, गाजर, पालक और अन्य पत्तेदार सब्जियां इस मौसम में सबसे सस्ती दरों पर उपलब्ध हैं। यहां तक कि ब्रोकली, जिसे पहले प्रीमियम श्रेणी की सब्जी माना जाता था, अब पिछले साल के मुकाबले काफी कम कीमत पर बिक रही है।
शहर के प्रमुख थोक बाजार कोले मार्केट के एक व्यापारी गोपाल सोनकर ने बताया कि स्थानीय उत्पादन की भरपूर उपलब्धता के कारण कीमतों पर नियंत्रण बना हुआ है। उन्होंने कहा कि इस समय स्थानीय उपज अधिक होने से बाजार में स्थिरता रहती है।
कम कीमतों से उपभोक्ता भी संतुष्ट नजर आ रहे हैं। दक्षिण कोलकाता के चेतला इलाके की गृहिणी अनन्या घोष ने बताया कि पहले सब्जियां खरीदना घरेलू बजट पर भारी पड़ता था, लेकिन अब वह बिना चिंता के जरूरत की सब्जियां खरीद पा रही हैं। विक्रेताओं के अनुसार, तेज बिक्री बाजार में सकारात्मक माहौल का संकेत है।
हालांकि सभी सब्जियों के दामों में गिरावट नहीं आई है। बेंगलुरु से आने वाले टमाटर अब भी 70 से 80 रुपये प्रति किलो बिक रहे हैं। व्यापारियों का कहना है कि अत्यधिक ठंड के कारण स्थानीय टमाटरों की गुणवत्ता प्रभावित हुई है, जिससे उनकी मांग कम हो गई।
इसके अलावा, मौसम की मार से कुछ अन्य फसलों को भी नुकसान हुआ है। भांगर के किसान आबेद अली शेख के अनुसार, भिंडी और परवल के फूल फल बनने से पहले ही झड़ जा रहे हैं, जिससे इन सब्जियों की कीमतें ऊंची बनी हुई हैं।