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भाटपाड़ा में चला बुलडोजर, ढहाया गया अवैध ढांचा !

निधि, सन्मार्ग संवाददाता

भाटपाड़ा: पश्चिम बंगाल में सत्ता परिवर्तन के साथ ही जमीनी स्तर पर भी बदलाव दिखने लगे हैं। उत्तर 24 परगना जिले के भाटपारा में मंगलवार को एक निजी परिवार ने अपनी ही जमीन के सामने बने नगर पालिका के ढांचे को बुलडोजर से ढहा दिया। घटना श्यामनगर 24 नंबर रेल गेट के पास भारत चंद्र पुस्तकालय के निकट की है, जहां गांगुली परिवार ने तीन साल से चल रहे गतिरोध को खत्म करने के लिए खुद ही कड़ा कदम उठाया।

तीन साल से बंद था रास्ता, पूर्व विधायक पर वसूली का आरोप

काजली गांगुली के परिवार का आरोप है कि तृणमूल संचालित भाटपारा नगर पालिका ने 'सौंदर्यीकरण' के नाम पर उनके घर के ठीक सामने की जमीन को घेर लिया था और वहां लोहे का ढांचा खड़ा कर दिया था। इसके कारण न केवल उनकी जमीन का उपयोग बंद हो गया, बल्कि घर आने-जाने में भी भारी असुविधा हो रही थी। परिवार का दावा है कि उन्होंने इस समस्या को लेकर कई बार नगर पालिका और प्रशासन के चक्कर लगाए, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। गांगुली परिवार ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि जगतदल के तत्कालीन विधायक ने इस अवरोध को हटाने के बदले 6 लाख रुपये की मांग की थी।

प्रशासन की चुप्पी के बीच स्थानीय लोगों का मिला समर्थन

जैसे ही मंगलवार दोपहर इलाके में बुलडोजर पहुंचा और विवादित ढांचे को तोड़ना शुरू किया, वहां स्थानीय लोगों की भारी भीड़ जमा हो गई। मोहल्ले के निवासियों ने परिवार के इस कदम का समर्थन करते हुए कहा कि प्रशासन की निष्क्रियता के कारण लोगों को खुद कार्रवाई करनी पड़ रही है। सत्ता बदलने के बाद इस तरह की 'बुलडोजर कार्रवाई' पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय बनी हुई है। हालांकि, इस पूरे मामले पर भाटपारा नगर पालिका या स्थानीय प्रशासन की ओर से अब तक कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।

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