मध्य पूर्व में जारी संघर्ष के तीसरे हफ्ते के बीच Royal Navy की परमाणु-संचालित पनडुब्बी HMS Anson को अरब सागर में तैनात किए जाने की खबर सामने आई है। ब्रिटिश मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह पनडुब्बी इस महीने की शुरुआत में Perth से रवाना होकर करीब 5,500 मील का सफर तय कर क्षेत्र में पहुंची है।
HMS Anson अत्याधुनिक Tomahawk Block IV missile और Spearfish torpedo से लैस है, जिनकी मारक क्षमता लगभग 1,600 किलोमीटर तक है। यह UK Ministry of Defence के अनुसार Astute क्लास की पांचवीं पनडुब्बी है, जिसे ब्रिटेन की अब तक की सबसे शक्तिशाली अटैक सबमरीन माना जाता है।
रिपोर्ट के अनुसार, पनडुब्बी की रणनीतिक तैनाती उसे Iran पर मिसाइल हमला करने की क्षमता देती है, यदि हालात और बिगड़ते हैं। हालांकि, इस तैनाती पर अभी तक ब्रिटिश रक्षा मंत्रालय की ओर से कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।
इधर, Strait of Hormuz में ईरान द्वारा कथित नाकेबंदी से वैश्विक तेल आपूर्ति पर असर पड़ रहा है। इस अहम समुद्री मार्ग पर तनाव बढ़ने से अंतरराष्ट्रीय बाजार में चिंता गहराई है। ब्रिटेन समेत 22 देशों ने संयुक्त रूप से ईरान की कार्रवाइयों की निंदा की है। वहीं, यह तैनाती AUKUS साझेदारी के तहत बढ़ते सैन्य सहयोग के बीच हुई है, जिसमें United Kingdom, United States और Australia शामिल हैं।
बताया जा रहा है कि किसी भी सैन्य कार्रवाई की अंतिम मंजूरी ब्रिटेन के प्रधानमंत्री Keir Starmer द्वारा दी जाएगी। इस बीच, अमेरिका को ईरान के खिलाफ संभावित हमलों के लिए UK के सैन्य ठिकानों के उपयोग की अनुमति भी दी जा चुकी है। मौजूदा हालात में यह तैनाती क्षेत्रीय संघर्ष को और भड़का सकती है और वैश्विक स्तर पर इसके गंभीर असर देखने को मिल सकते हैं।