निधि, सन्मार्ग संवाददाता
हावड़ा : हावड़ा जिले के उलूबेड़िया शहर अंतर्गत पश्चिम बांसतला इलाके में हुगली नदी के किनारे स्थित ब्रिटिश काल का ऐतिहासिक 'लाइटहाउस' आज अपनी पहचान खोने की कगार पर है। स्थानीय निवासियों के बीच 'बातीघर' के नाम से मशहूर यह ढांचा वास्तव में ब्रिटिश शासन के दौरान निर्मित एक 'नेविगेशन रेंज लाइट' टावर है। लगभग 22 मीटर ऊंचा यह दो-स्तरीय टावर उस दौर में रात के समय हुगली नदी के घुमावदार व जटिल जलमार्गों से गुजरने वाले मालवाहक जहाजों को सुरक्षित रास्ता दिखाने और कोलकाता बंदरगाह तक मार्गदर्शन करने में बेहद महत्वपूर्ण भूमिका निभाता था।
जर्जर हालत में पहुंची इमारत, स्थानीय लोगों ने की जीर्णोद्धार की मांग
उचित देखरेख और संरक्षण के अभाव में यह प्राचीन धरोहर अब धीरे-धीरे जर्जर होती जा रही है। टावर की ईंटों में बड़ी-बड़ी दरारें आ चुकी हैं, दीवारों पर झाड़-झंखाड़ व पेड़ उग आए हैं और परिसर में कोई सूचना बोर्ड न होने से पर्यटन की संभावनाएं भी खत्म हो रही हैं। स्थानीय निवासियों ने राज्य सरकार और पर्यटन विभाग से मांग की है कि इस ऐतिहासिक स्थल का जल्द से जल्द जीर्णोद्धार किया जाए और इसके आसपास सौंदर्यीकरण कर इसे एक प्रमुख पर्यटन स्थल के रूप में विकसित किया जाए।