ईरान की राजधानी तेहरान में रविवार सुबह आसमान घने और दमघोंटू धुएं से ढक गया। इजरायल के हवाई हमलों में शहर के कई तेल भंडारण केंद्रों को निशाना बनाए जाने के बाद हालात और गंभीर हो गए।
स्थानीय निवासियों ने बताया कि हमलों के कई घंटे बाद भी हवा में जलते तेल की तेज गंध बनी रही। कुछ लोगों ने यह भी कहा कि काले बादलों से गिरने वाली बारिश की बूंदें तेल से सनी हुई लग रही थीं, जिससे शहर में “काली बारिश” जैसी स्थिति बन गई।
ईरान के पर्यावरण अधिकारियों ने लोगों को घरों के भीतर रहने की सलाह दी है ताकि सांस संबंधी बीमारियों और अन्य स्वास्थ्य जोखिमों से बचा जा सके। ईरानी रेड क्रिसेंट ने कहा कि तेल डिपो में हुए विस्फोटों से हवा में बड़ी मात्रा में जहरीले हाइड्रोकार्बन यौगिक, सल्फर और नाइट्रोजन ऑक्साइड फैल गए हैं।
संस्था ने चेतावनी दी कि अगर बारिश जारी रहती है तो यह पानी अत्यधिक अम्लीय और खतरनाक हो सकता है, जिससे त्वचा पर जलन और फेफड़ों को गंभीर नुकसान पहुंच सकता है।
फार्स समाचार एजेंसी के अनुसार शनिवार को हुए हमलों में तेहरान और अलबोर्ज क्षेत्र में चार तेल भंडारण सुविधाओं और एक पेट्रोलियम उत्पाद ट्रांसफर सेंटर को निशाना बनाया गया। इस हमले में केंद्र पर मौजूद चार टैंकर ड्राइवरों की मौत हो गई।
हमलों के बाद आग की ऊंची लपटें उठती देखी गईं, जिनकी रोशनी शनिवार रात के आसमान में दूर से दिखाई दे रही थी। माना जा रहा है कि इस युद्ध के दौरान पहली बार किसी नागरिक औद्योगिक प्रतिष्ठान को निशाना बनाया गया है।
इजरायली सेना ने दावा किया कि जिन ईंधन डिपो पर हमला किया गया, उनका इस्तेमाल ईरान की सैन्य गतिविधियों के लिए किया जा रहा था। सेना के अनुसार इन टैंकों से ईरान की सैन्य इकाइयों को ईंधन आपूर्ति की जाती थी।
इजरायली सेना ने कहा कि यह हमला ईरान की सैन्य संरचना को कमजोर करने की दिशा में एक और कदम है। वहीं ईरान की नेशनल ईरानियन ऑयल प्रोडक्ट्स डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी के प्रमुख केरामत वेस्करामी ने सरकारी टीवी को बताया कि तेहरान और आसपास के इलाकों में चार तेल डिपो और एक पेट्रोलियम परिवहन केंद्र पर दुश्मन के विमानों ने हमला किया।