कोलकाता: अंतरराष्ट्रीय मातृभाषा दिवस के अवसर पर देशप्रिय पार्क में आयोजित सरकारी कार्यक्रम में एक तस्वीर ने बंगाल की राजनीति में नई हलचल पैदा कर दी। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के मंच पर मौजूद थे कूचबिहार से बीजेपी राज्यसभा सांसद अनंत महाराज। इतना ही नहीं, अनंत महाराज ने मुख्यमंत्री के हाथों राज्य का सर्वोच्च सम्मान ‘बंगविभूषण’ भी ग्रहण किया।
यह दृश्य अपने आप में राजनीतिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा, हम अनंत महाराज और उनके राजबंशी समाज के प्रति गहरी श्रद्धा व्यक्त करते हैं। वे स्वस्थ रहें और समाज के लिए निरंतर कार्य करते रहें। उनके यहां उपस्थित रहने पर हमें गर्व है। सम्मान ग्रहण करने के बाद अनंत महाराज ने कहा कि बीजेपी ने कूचबिहार और राजबंशी समाज के लिए कुछ खास नहीं किया। साथ ही उन्होंने इस सम्मान के लिए मुख्यमंत्री को धन्यवाद दिया।
इस अवसर पर अनंत ने राजवंशी लोगों के बलिदान पर महान कवि चिल्ला रॉय द्वारा लिखित एक कविता का पाठ किया। उनके इस बयान ने राजनीतिक हलकों में नई अटकलों को जन्म दे दिया है, खासकर 2026 के विधानसभा चुनाव से पहले उत्तर बंगाल की राजनीति को लेकर। राजबंशी समुदाय के प्रभावशाली नेता माने जाने वाले अनंत महाराज का यह रुख बीजेपी के लिए असहज स्थिति पैदा कर सकता है।
पिछले कुछ महीनों से उनके और पार्टी नेतृत्व के बीच रिश्ते सामान्य नहीं बताए जा रहे थे। ऐसे में ममता बनर्जी के मंच पर उनकी उपस्थिति और सार्वजनिक रूप से आभार जताना कई संकेत दे रहा है।
हालांकि बीजेपी नेतृत्व ने इस मुद्दे पर फिलहाल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी है, लेकिन ममता बनर्जी और अनंत महाराज की यह नजदीकी आने वाले दिनों में राज्य की राजनीति में बड़े बदलाव का संकेत मानी जा रही है।