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भाजपा विधायक से फॉर्म छीनकर फाड़ने का आरोप

बनगांव एसडीओ कार्यालय में भारी तनाव, भारी पुलिस बल तैनात

निधि, सन्मार्ग संवाददाता

बनगांव : उत्तर 24 परगना जिले के बोंगां अनुमंडल अधिकारी (SDO) कार्यालय में सोमवार सुबह उस समय भारी तनाव फैल गया, जब मतदाता सूची से नाम हटाने के लिए उपयोग किए जाने वाले 'फॉर्म-7' को जमा करने को लेकर भाजपा और तृणमूल कांग्रेस के समर्थक आपस में भिड़ गए। स्थिति इतनी बिगड़ गई कि पूरे कार्यालय परिसर को पुलिस छावनी में तब्दील करना पड़ा। आरोप है कि भाजपा विधायक अशोक कीर्तनिया के हाथ से जबरन फॉर्म छीनकर उन्हें फाड़ दिया गया।

क्या है पूरा विवाद?

सोमवार मतदाता सूची में नाम जोड़ने (फॉर्म-6) और नाम हटाने या आपत्ति दर्ज करने (फॉर्म-7) के लिए आवेदन जमा करने का अंतिम दिन था। भाजपा के बोंगां उत्तर से विधायक अशोक कीर्तनिया अपने कार्यकर्ताओं के साथ बड़ी संख्या में फॉर्म-7 जमा करने एसडीओ कार्यालय पहुँचे थे। भाजपा का दावा है कि ये फॉर्म उन लोगों के नाम हटाने के लिए थे जो या तो स्थानांतरित हो चुके हैं या मृत हैं।

भाजपा का आरोप है कि जैसे ही विधायक कार्यालय के भीतर पहुँचे, तृणमूल कांग्रेस के नेताओं और कार्यकर्ताओं ने उन पर हमला बोल दिया। भाजपा ने सीधे तौर पर युवा तृणमूल नेता पल्लव मित्रा पर आरोप लगाया है कि उन्होंने विधायक के हाथ से फॉर्म छीने और उन्हें सरेआम फाड़ दिया। भाजपा नेताओं ने इसे लोकतंत्र की हत्या करार देते हुए कहा कि प्रशासन की मौजूदगी में एक विधायक के साथ ऐसा व्यवहार निंदनीय है।

तृणमूल कांग्रेस की सफाई

दूसरी ओर, तृणमूल नेता पल्लव मित्रा ने इन आरोपों पर अपनी सफाई पेश की है। उन्होंने कहा कि भाजपा विधायक जानबूझकर उन आम मतदाताओं के नाम सूची से कटवाने आए थे, जिनके वोट से वे खुद विधायक चुने गए हैं। मित्रा का दावा है कि किसी राजनैतिक नेता ने नहीं, बल्कि वहां मौजूद आम मतदाताओं ने अपना नाम कटने के डर से विधायक से फॉर्म छीने हैं। तृणमूल का तर्क है कि भाजपा चुनावी लाभ के लिए वैध मतदाताओं के नाम हटवाने की साजिश रच रही थी।

सुरक्षा के कड़े इंतजाम

इस घटना के बाद एसडीओ कार्यालय के बाहर दोनों पक्षों के समर्थकों की भीड़ जमा हो गई और नारेबाजी शुरू हो गई। स्थिति को नियंत्रण से बाहर जाते देख जिला प्रशासन ने वहां भारी संख्या में पुलिस बल और रैपिड एक्शन फोर्स (RAF) को तैनात कर दिया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि वे मामले की जांच कर रहे हैं और सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं ताकि दोषियों की पहचान की जा सके। फिलहाल इलाके में तनाव बरकरार है और सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट पर हैं।

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