निधि, सन्मार्ग संवाददाता
बरानगर : पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव प्रचार के दौरान भारतीय जनता पार्टी (BJP) को एक बार फिर सिख समुदाय के कड़े विरोध का सामना करना पड़ा है। बुधवार को डनलप इलाके में प्रचार करने पहुंचे बीजेपी के केंद्रीय नेता और पूर्व सांसद रवनीत सिंह बिट्टू को सिख समुदाय के लोगों ने काले झंडे दिखाए और उनके खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
जानकारी के मुताबिक, रवनीत सिंह बिट्टू बुधवार को डनलप स्थित गुरुद्वारे में मत्था टेकने पहुंचे थे। जैसे ही वह वहां पहुंचे, स्थानीय सिख समुदाय के लोगों ने उन्हें घेर लिया और 'मुर्दाबाद' के नारे लगाने शुरू कर दिए। बीजेपी के चुनावी अभियान के बीच इस तरह के विरोध ने पार्टी को असहज स्थिति में डाल दिया है।
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि इस आक्रोश की जड़ें साल 2024 के संदेशखली कांड से जुड़ी हैं। उस वक्त विपक्ष के नेता शुभेंदु अधिकारी पर एक सिख पुलिस अधिकारी को 'खलिस्तानी' कहने का आरोप लगा था। हाल ही में भवानीपुर में चुनाव प्रचार के दौरान भी शुभेंदु को इसी विरोध का सामना करना पड़ा था, जहां उन्होंने हाथ जोड़कर माफी भी मांगी थी। हालांकि, रवनीत सिंह बिट्टू के विरोध से साफ है कि सिख समुदाय के जख्म अभी भरे नहीं हैं।
पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री बेअंत सिंह के पोते रवनीत सिंह बिट्टू लुधियाना से सांसद रहे हैं। 2024 के लोकसभा चुनाव से पहले वह कांग्रेस छोड़कर बीजेपी में शामिल हो गए थे। बीजेपी ने उन्हें बंगाल चुनाव 2026 के लिए प्रचार की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी दी है, लेकिन राज्य में सिखों के गुस्से ने उनकी राह मुश्किल कर दी है।