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भाजपा ने BMC में ठाकरे तो पुणे में पवार को दी शिकस्त

भाजपा नीत गठबंधन को बीएमसी की 227 सीटों में से लगभग 125 सीटें मिलने की संभावना है।

मुंबईः अविभाजित शिवसेना के लगभग तीन दशक के वर्चस्व को तोड़ते हुए, भाजपा बृहन्मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) चुनावों में शुक्रवार को सबसे बड़ी पार्टी के रूप में उभरी और पुणे में भी विजयी रही।

भाजपा नीत गठबंधन को बीएमसी की 227 सीटों में से लगभग 125 सीटें मिलने की संभावना है। देश के सबसे धनी नगर निकाय बीएमसी का 2025-26 का बजट 74,427 करोड़ रुपये है। मुंबई और 28 अन्य नगर निकायों के चुनावों के लिए हुए मतदान के एक दिन बाद मतगणना शुक्रवार को हुई। इन चुनावों में 54.77 प्रतिशत मतदान हुआ था।

उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे की शिवसेना के शानदार प्रदर्शन के साथ, भाजपा अब बीएमसी में शासन की बागडोर संभालने के लिए सबसे मजबूत स्थिति में है। बीएमसी की सत्ता के लिए हुए इस मुकाबले में ठाकरे बंधु (उद्धव और राज ठाकरे) दो दशकों बाद फिर से एकजुट हुए, लेकिन अब तक घोषित परिणामों से संकेत मिलता है कि उनकी उम्मीदों पर पानी फिर गया है।

पुणे और पड़ोसी पिंपरी-चिंचवड नगर निकाय चुनावों में राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) और राकांपा (शरदचंद्र पवार) गठबंधन को पछाड़ते हुए भाजपा भारी जीत की ओर अग्रसर है।

फडणवीस के सिर पर जीत का सेहरा

जीत का सेहरा मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के सिर बांधा जा रहा है, क्योंकि उनके नेतृत्व में भाजपा, 2017 के बीएमसी चुनावों में हासिल की गई 82 सीटों से भी आगे निकल गई है। भाजपा के 'मिशन मुंबई' की सफलता ने अब उसे वित्तीय राजधानी में प्रमुख राजनीतिक शक्ति के रूप में मजबूती से स्थापित कर दिया है।

इस परिणाम से मुंबई की सत्ता संरचना में एक महत्वपूर्ण बदलाव आया है। वर्षों से, बीएमसी को ठाकरे के नेतृत्व वाली शिवसेना का अजेय गढ़ माना जाता था। भाजपा की जीत के साथ, मुंबई की राजनीति का विमर्श अब 'मराठी अस्मिता' से हटकर भाजपा के 'विकास' और शहरी अवसंरचना के एजेंडे के समर्थन में जनादेश की ओर मुड़ गया है।

‘जो हिंदू की बात करेगा, वो महाराष्ट्र पर राज करेगा’

महाराष्ट्र सरकार में मंत्री और भाजपा नेता नितेश राणे ने कहा कि बीएमसी चुनावों में भाजपा और शिवसेना का दमदार प्रदर्शन चुनाव प्रचार के दौरान उनके हिंदुत्व के एजेंडे को स्पष्ट जनादेश है। राणे ने ‘एक्स’ पर पोस्ट किया, ‘जो हिंदू की बात करेगा, वो महाराष्ट्र पर राज करेगा।’ वर्ष 2017 में पत्रकार गौरी लंकेश की हत्या के आरोपी श्रीकांत पंगारकर ने जालना नगर निकाय में निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में (पार्षद) चुनाव में जीत हासिल की।

मुख्यमंत्री फडणवीस और केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी के गृह नगर (नागपुर) में, नागपुर महानगरपालिका के लिए हुए चुनाव में मतगणना के रुझान और परिणाम 2017 के परिणामों के लगभग दोहराव का संकेत दे रहे हैं। वहां कांग्रेस अपनी पैठ बनाने के लिए संघर्ष करती नजर आ रही है।

नागपुर में पहले से अधिक बड़ी जीत की ओर भाजपा

नागपुर की 151 सदस्यीय महानगरपालिका के लिए हुए चुनाव में भाजपा 2017 के 108 सीट के आंकड़े को पार करने की राह पर अग्रसर है। वहीं, कांग्रेस ने 70 सदस्यीय लातूर महानगरपालिका के लिए हुए चुनाव में 40 से अधिक सीट जीतकर स्पष्ट बहुमत हासिल कर लिया, जबकि भाजपा दूसरे स्थान पर रही। चुनावों से पहले, उद्धव और राज ठाकरे पिछले महीने फिर से एक साथ आ गए, जबकि राकांपा के दोनों गुटों ने पुणे और पिंपरी-चिंचवड में स्थानीय स्तर पर गठजोड़ किया। कई वर्षों के अंतराल के बाद 15 जनवरी को 29 नगर निकायों के चुनाव हुए, जिनमें से ज्यादातर का कार्यकाल 2020 और 2023 के बीच समाप्त हुआ था। इनमें से नौ नगर निकाय मुंबई महानगर क्षेत्र (एमएमआर) में स्थित हैं, जो देश में सर्वाधिक शहरीकरण वाला क्षेत्र है।

बृहस्पतिवार को बीएमसी और छत्रपति संभाजीनगर, नवी मुंबई, वसई-विरार, कल्याण-डोंबिवली, कोल्हापुर, नागपुर, सोलापुर, अमरावती, अकोला, नासिक, पिंपरी-चिंचवड़, पुणे, उल्हासनगर, ठाणे, चंद्रपुर, परभणी नगर निकायों में मतदान हुआ था। इसके अलावा, मीरा-भायंदर, नांदेड़-वाघाला, पनवेल, भिवंडी-निजामपुर, लातूर, मालेगांव, सांगली-मिराज-कुपवाड, जलगांव, अहिल्यानगर, धुले, जालना और इचलकरंजी नगर निकायों के लिए भी वोट डाले गए थे।

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