निधि, सन्मार्ग संवाददाता
कोलकाता: एशिया के सबसे बड़े रेड लाइट एरिया सोनागाछी की यौनकर्मियों के लिए यह एक बड़ी राहत की खबर है। मतदाता सूची के स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) कार्य शुरू होने के बाद से यौनकर्मी इस प्रक्रिया को लेकर भारी आशंकाओं और तनाव में थीं। अब, उनकी चिंताओं को दूर करने के लिए, राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (CEO) मनोज अग्रवाल ने दिए गए अपने आश्वासन पर त्वरित कार्रवाई की है।
CEO ने पहले ही घोषणा की थी कि चुनाव आयोग सोनागाछी में एक 'विशेष हियरिंग कैंप' आयोजित करेगा। इस कैंप का उद्देश्य यौनकर्मियों को एन्यूमरेशन फॉर्म (Enumeration Form) भरने के दौरान आ रही समस्याओं को सुनना और उनका उपयुक्त समाधान सुनिश्चित करना है। सूत्रों के अनुसार, चुनाव आयोग ने इस दिशा में कदम उठाते हुए 2 और 3 दिसंबर को सोनागाछी में एन्यूमरेशन फॉर्म से संबंधित समस्याओं के निवारण के लिए विशेष कैंप आयोजित करने की विस्तृत योजना बनाई है। यह महत्वपूर्ण है कि यह कैंप SIR के प्राथमिक चरण (जो 4 दिसंबर को समाप्त होने वाला है) की समाप्ति से पहले ही आयोजित किया जा रहा है।
तीन संगठनों की पहल
यौनकर्मियों और उनके बच्चों के हितों के लिए काम करने वाले तीन प्रमुख संगठनों—'सोसायटी ऑफ ह्यूमन डेवलपमेंट एंड सोशल एक्शन', 'ऊषा मल्टीपर्पज को-ऑपरेटिव सोसाइटी लिमिटेड' और 'हम पथिक'—ने यौनकर्मियों की समस्याओं को उजागर करते हुए 21 नवंबर को CEO कार्यालय को एक विस्तृत ईमेल भेजा था।
'हम पथिक' संगठन की आयोजक महाश्वेता मुखर्जी ने बताया था कि SIR फॉर्म भरने की जटिलता और डर के कारण कई यौनकर्मी तो इलाके को छोड़कर पलायन तक कर रही थीं। उन्होंने CEO कार्यालय को पत्र लिखकर विशेष रूप से 2 दिसंबर को कैंप आयोजित करने का अनुरोध किया था।
CEO कार्यालय का सकारात्मक जवाब
महाश्वेता मुखर्जी द्वारा भेजे गए पत्र के जवाब में, CEO कार्यालय ने सकारात्मक आश्वासन दिया है। कार्यालय ने सूचित किया है कि 2 और 3 दिसंबर को सोनागाछी के साथ-साथ रामबगान, सेठबगान और पत्र में उल्लिखित अन्य रेड लाइट इलाकों में भी विशेष अधिकारियों को भेजा जाएगा। ये अधिकारी सीधे यौनकर्मियों से मिलेंगे और एन्यूमरेशन फॉर्म संबंधी उनकी सभी समस्याओं को हल करने का प्रयास करेंगे।
महाश्वेता मुखर्जी ने उम्मीद जताई कि चुनाव आयोग के इस ठोस और त्वरित आश्वासन से यौनकर्मियों को भरोसा मिलेगा और वे बिना किसी डर के SIR प्रक्रिया में भाग ले सकेंगी, जिससे उनका मतदान का अधिकार सुनिश्चित हो सकेगा। यह पहल यौनपल्लियों में रहने वाले वंचित वर्ग को मुख्यधारा में लाने की दिशा में एक बड़ा कदम है।