निधि, सन्मार्ग संवाददाता
नैहाटी: पश्चिम बंगाल में गहराते एलपीजी संकट का असर अब प्रसिद्ध धार्मिक स्थलों पर भी दिखने लगा है। नैहाटी की प्रसिद्ध 'बड़ा माँ' काली मंदिर समिति ने गैस की भारी किल्लत के कारण आगामी सोमवार से भक्तों के लिए नि:शुल्क भोग प्रसाद वितरण सेवा को अस्थायी रूप से बंद करने का निर्णय लिया है।
हजारों भक्तों की श्रद्धा पर संकट
मंदिर कमेटी के अनुसार, नैहाटी बड़ा माँ मंदिर में हर सोमवार, बुधवार और शुक्रवार को लगभग 700 भक्तों को बैठाकर भोग खिलाया जाता है। इसके अलावा, मंगलवार और शनिवार को करीब 3000 भक्तों के बीच नि:शुल्क भोग का वितरण होता है। इतनी बड़ी संख्या में भोग तैयार करने के लिए भारी मात्रा में कमर्शियल गैस सिलेंडरों की आवश्यकता होती है। मंदिर प्रबंधन का दावा है कि वर्तमान में मांग के अनुसार सिलेंडरों की आपूर्ति रत्ती भर भी नहीं हो पा रही है, जिससे चूल्हे जलाना असंभव हो गया है।
भक्तों में निराशा और आक्रोश
मंदिर कमेटी ने स्पष्ट किया है कि यह फैसला मजबूरी में लिया गया है। जैसे ही गैस की आपूर्ति सामान्य होगी, भोग वितरण सेवा पुनः शुरू कर दी जाएगी। इधर, इस खबर से नियमित रूप से प्रसाद ग्रहण करने वाले भक्तों में भारी निराशा और आक्रोश देखा जा रहा है।