नई दिल्लीः कोल इंडिया की इकाई भारत कोकिंग कोल लिमिटेड (बीसीसीएल) का शेयर अपने निर्गम मूल्य 23 रुपये से 96.5 प्रतिशत की बढ़त के साथ सोमवार को बाजार में सूचीबद्ध हुआ। बीएसई पर शेयर 45.21 रुपये पर सूचीबद्ध हुआ जो निर्गम मूल्य से 96.56 प्रतिशत अधिक था। एनएसई पर शेयर ने निर्गम मूल्य से 95.65 प्रतिशत की बढ़त के साथ 45 रुपये पर शुरुआत की। कंपनी का बाजार मूल्यांकन 19,456.95 करोड़ रुपये रहा। कंपनी लगातार मुनाफे में रही है और उस पर कर्ज का दबाव सीमित है, जिससे निवेशकों का भरोसा बढ़ा है।
बीसीसीएल ने 1,071 करोड़ रुपये के आरंभिक सार्वजनिक निर्गम (आईपीओ) के लिए 21-23 रुपये तक का मूल्य दायरा तय किया गया था। आईपीओ के मसौदा प्रस्ताव के मुताबिक, यह कोल इंडिया की तरफ से 46.57 करोड़ शेयर की बिक्री पेशकश पर आधारित था। इसमें नए शेयर की पेशकश नहीं की गई थी।
झारखंड-बंगाल में सक्रिय
भारत कोकिंग कोल लिमिटेड यानी बीसीसीएल झारखंड के धनबाद में स्थित है। कोल इंडिया के लिए यह कंपनी सोने की खान की तरह है क्योंकि यह भारत में कोकिंग कोल का सबसे बड़ा उत्पादक है। यह देश के घरेलू कोकिंग कोल उत्पादन का लगभग 60% हिस्सा अकेले ही खनन करता है। साल 1972 में स्थापित यह कंपनी झारखंड और पश्चिम बंगाल में 34 कोयले की खदानें संचालन करती है। इन खदानों में भूमिगत और ओपनकास्ट, दोनों तरह के ऑपरेशन शामिल हैं। इसके मुख्य ग्राहक स्टील और पावर कंपनियां हैं। बीसीसीएल के शेयर मार्केट में सूचीबद्ध होने से इसके अधिकारियों और कर्मचारियों में खुशी है।
बड़ा उत्पादन लक्ष्य
वित्त वर्ष 2023-24 के मुताबपिक बीसीसीएल की उत्पादन क्षमता लगभग 41.1 मिलियन टन है। कंपनी का लक्ष्य 2030 तक उत्पादन क्षमता को 100 मिलियन टन तक बढ़ाना है। कंपनी के पास वर्तमान में 13.65 मिलियन टन की वॉशरी क्षमता है, जिसे नई वॉशरीज के माध्यम से 20.65 मिलियन टन प्रति वर्ष तक बढ़ाने की योजना है, जिससे उच्च गुणवत्ता वाले कोकिंग कोल की आपूर्ति हो सके। यह लक्ष्य भारत के घरेलू कोकिंग कोल उत्पादन और उपयोग को बढ़ाने के राष्ट्रीय मिशन 'कोकिंग कोल' के तहत है, जिसका लक्ष्य 2030 तक 140 मिलियन टन उत्पादन करना है।