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ईरान के समंदर में फंसा बंगाल का लाल

मिसाइल हमलों के बीच 'मौत' के साये में गौतम

निधि, सन्मार्ग संवाददाता

बनगांव : पश्चिम एशिया (मिडल ईस्ट) में छिड़ी भीषण जंग की आंच अब उत्तर 24 परगना के गायघाटा तक पहुँच गई है। गायघाटा के बकचारा ग्राम निवासी गौतम देवनाथ पिछले 40 दिनों से ईरान के बंदर अब्बास में एक मालवाहक जहाज पर फंसे हुए हैं। पेशे से इलेक्ट्रिकल इंजीनियर गौतम के परिवार ने राज्य और केंद्र सरकार से उन्हें सुरक्षित वापस लाने की गुहार लगाई है।

आंखों के सामने तबाही: मिसाइल हमले से दहला दिल

परिजनों ने बताया कि गौतम पिछले साल दिसंबर में जहाज पर काम के लिए निकले थे। लगभग 40 दिन पहले उनका जहाज श्रीलंका से रवाना हुआ था, जो अब ईरान के बंदर अब्बास में फंस गया है। वहां मोबाइल नेटवर्क इतना कमजोर है कि परिवार से संपर्क करना मुश्किल हो रहा है। हाल ही में किसी तरह फोन पर हुई बातचीत में गौतम ने जो बताया, उसने परिवार की नींद उड़ा दी है। गौतम के अनुसार, उनके जहाज के ठीक पीछे चल रहे एक अन्य जहाज पर मिसाइल हमला हुआ, जिससे वह पूरी तरह तबाह हो गया। इस खौफनाक मंजर के बाद से जहाज पर मौजूद सभी कर्मी दहशत में हैं।

घर में मातम का सन्नाटा, बूढ़ी मां से छिपाया सच

गौतम की पत्नी संगीता राय ने बताया कि जहाज पर खाने-पीने का सामान तो फिलहाल पर्याप्त है, लेकिन सुरक्षा को लेकर भारी अनिश्चितता है। घर में गौतम की वृद्ध मां बीमार हैं, जिन्हें बेटे की इस स्थिति के बारे में अब तक नहीं बताया गया है। टीवी पर युद्ध की खबरें देख परिवार के हर सदस्य की धड़कनें तेज हो जाती हैं। संगीता ने भावुक होकर कहा, "हम सिर्फ यही चाहते हैं कि सरकार मेरे पति को सुरक्षित वतन वापस ले आए।"

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