बढ़ेगी वित्तीय मजबूती
मुनमुन, सन्मार्ग संवाददाता
कोलकाता : पश्चिम बंगाल सरकार को केंद्र से मिलने वाली रिकॉर्ड सहायता राशि वित्तीय मोर्चे पर बड़ी राहत देने जा रही है। वर्ष 2026-27 के बजट में केंद्र द्वारा दिए गए अनुदान और राज्य के कर राजस्व में उल्लेखनीय वृद्धि के चलते राजकोषीय घाटे में महत्वपूर्ण कमी आने का अनुमान लगाया गया है। राज्य सरकार का दावा है कि वित्तीय सुधारों और केंद्र के सहयोग से कर्ज के बोझ को नियंत्रित करने की दिशा में सकारात्मक प्रगति हो रही है।
राजकोषीय घाटे में आएगी उल्लेखनीय कमी
राज्य के वित्त मंत्री स्वपन दासगुप्ता ने बजट पेश करते हुए कहा कि 2026-27 में राजस्व घाटा सकल राज्य घरेलू उत्पाद (GSDP) के 1 प्रतिशत तक सीमित रहने का अनुमान है, जबकि 2025-26 के संशोधित अनुमान में यह 2 प्रतिशत से अधिक था। वहीं, राजकोषीय घाटा कम होकर 2.9 प्रतिशत रहने की उम्मीद है, जो पिछले संशोधित अनुमान में 3.4 प्रतिशत था। बजट के अनुसार, केंद्र सरकार से 2026-27 में 71,393 करोड़ रुपये की सहायता राशि मिलने का अनुमान है। यह 2025-26 के संशोधित अनुमान 22,068 करोड़ रुपये की तुलना में करीब 49,000 करोड़ रुपये अधिक है। इसके अलावा केंद्रीय करों और शुल्कों में राज्य के हिस्से के रूप में 1,10,119 करोड़ रुपये मिलने का अनुमान है।
कर संग्रह बढ़ने से मजबूत होगी राज्य की आय
राज्य का अपना कर राजस्व 2026-27 में बढ़कर 1,30,669 करोड़ रुपये रहने का अनुमान है, जो पिछले वर्ष के संशोधित अनुमान से लगभग 19,000 करोड़ रुपये अधिक है। इसके परिणामस्वरूप राजस्व घाटा घटकर 21,984 करोड़ रुपये रहने का अनुमान लगाया गया है। बजट प्रस्तावों के मुताबिक राज्य सरकार का वेतन बिल 73,046 करोड़ रुपये से बढ़कर 82,304 करोड़ रुपये हो जाएगा। अधिकारियों के अनुसार, महंगाई भत्ते (DA) में 20 प्रतिशत वृद्धि और एक लाख नई भर्तियों का प्रस्ताव इस बढ़ोतरी की प्रमुख वजह है।