नई दिल्लीः पश्चिम बंगाल में इस बार दो चरणों- 23 और 29 अप्रैल- में चुनाव होने जा रहा है। यह अपने आप में एक बड़ी बात है कि राज्य में दो चरणों में मतदान होगा। राजनीतिक पार्टियों ने एक या दो चरणों में चुनाव कराने की मांग की थी। साल 2021 में आठ चरणों में मतदान हुआ था जिसकी काफी आलोचना हुई थी।
पश्चिम बंगाल में 2001 और 2006 के विधानसभा चुनाव ऐसे थे जो सिर्फ एक चरण में ही मतदान हुआ था, लेकिन उसके बाद जब कभी विधानसभा या लोकसभा चुनाव हुए तो वे दो से अधिक चरणों में हुए। इसकी वजह चुनावों के दौरान हिंसा थी।
आज चुनावों की तारीखों की घोषणा करते हुए मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने कहा कि आयोग के भीतर विस्तृत विचार-विमर्श के बाद पश्चिम बंगाल में दो चरणों में चुनाव कराने का निर्णय लिया गया है। राज्य में चरणों की संख्या कम करना ज़रूरी था, और दो चरणों वाले कार्यक्रम को अंतिम रूप देने से पहले चुनाव आयोग ने व्यापक चर्चा की थी।
चुनाव आयोग द्वार घोषित तारीखों के मुताबिक 23 अप्रैल को बंगाल की 152 सीटों और 29 अप्रैल को 142 सीटों के लिए मतदान होगा। चार मई को मतगणना होगी।
मतगणना की अधिसूचना कब-कब
चुनाव आयोग के मुताबिक पहले चरण के लिए अधिसूचना 30 मार्च को जारी की जाएगी। उम्मीदवार 6 अप्रैल तक नामांकन दाखिल कर सकते हैं, जबकि नामांकन पत्रों की जांच 7 अप्रैल को होगी। उम्मीदवारी वापस लेने की अंतिम तिथि 9 अप्रैल है।
दूसरे चरण के लिए अधिसूचना 2 अप्रैल को जारी की जाएगी। नामांकन दाखिल करने की अंतिम तिथि 9 अप्रैल है, और जांच 10 अप्रैल को निर्धारित है। उम्मीदवार 13 अप्रैल तक अपनी उम्मीदवारी वापस ले सकेंगे। पूरी चुनाव प्रक्रिया 6 मई तक पूरी कर लेनी है।