निधि, सन्मार्ग संवाददाता
कोलकाता : पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के चुनावी रण में केवल बड़ी पार्टियां ही नहीं, बल्कि निर्दलीय और गैर-मान्यता प्राप्त दल भी अपनी किस्मत आजमा रहे हैं। इन उम्मीदवारों की पहचान के लिए चुनाव आयोग ने कुल 189 चुनाव चिह्नों की सूची जारी की है। दिलचस्प बात यह है कि इस सूची में ऐसे प्रतीक शामिल हैं जो सीधे तौर पर जनता की रोजमर्रा की जिंदगी और मौजूदा राजनीति से जुड़े हुए हैं। इस सूची में सबसे अधिक चर्चा 'हवाई चप्पल' की हो रही है, जिसे पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की सादगी का प्रतीक माना जाता है।
चुनावी मैदान में दिखेंगे रोजमर्रा की जिंदगी से जुड़े निशान
इसके अलावा, महंगाई के मुद्दे को गरमाने वाला 'गैस सिलेंडर' भी इस लिस्ट का हिस्सा है। भीषण गर्मी के बीच होने वाले इन चुनावों को देखते हुए आयोग ने एयर कंडीशनर (AC), तरबूज, आइसक्रीम, कूलर और रेफ्रिजरेटर जैसे ठंडे प्रतीकों को भी शामिल किया है। अन्य प्रतीकों में बेबी वॉकर, नूडल्स से भरा कटोरा, फोन चार्जर, टीफिन बॉक्स, कैंची, मोजे और यहां तक कि टूथपेस्ट भी शामिल हैं। चुनाव आयोग के अनुसार, इन प्रतीकों का उद्देश्य उन मतदाताओं की मदद करना है जो साक्षर नहीं हैं, ताकि वे केवल चिह्न देखकर अपने पसंदीदा उम्मीदवार को वोट दे सकें। साल 1951 के पहले चुनाव में केवल 14 प्रतीक थे, लेकिन अब यह सूची बहुत विस्तृत हो गई है। हालांकि, आयोग ने स्पष्ट किया है कि 'लेडी पर्स' जैसे कुछ प्रतीकों का उपयोग बंगाल में नहीं किया जा सकेगा। निर्दलीय उम्मीदवारों का मानना है कि ये मजेदार और परिचित चिह्न उन्हें जनता के बीच पहचान बनाने में मदद करेंगे।